नई दिल्ली। “ना उम्र की सीमा हो ना जन्म का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन।” जगजीत सिंह की गाई यह मशहूर गजल दिल्ली के एक दंपति की जिंदगी में हकीकत बन गई। 22 वर्षीय युवती को 60 साल के व्यक्ति से प्यार हुआ और दोनों ने सामाजिक बंधनों तथा उम्र के लंबे अंतर की परवाह किए बिना विवाह कर लिया। हालांकि, परिवार की इच्छा के खिलाफ हुई यह शादी अब दंपति के लिए परेशानी का कारण बन गई है। युवती ने अपने परिवार से जान का खतरा बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

युवती ने अदालत को बताया कि उसने अपनी मर्जी से 60 वर्षीय व्यक्ति से विवाह किया है और वर्तमान में वह अपने पति के साथ रह रही है। दोनों के बीच उम्र का अंतर 38 वर्ष है। परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, लेकिन युवती ने अपनी पसंद को प्राथमिकता देते हुए शादी करने का निर्णय लिया। विवाह के बाद परिवार की नाराजगी और बढ़ गई। युवती का आरोप है कि परिजन अब उसे और उसके पति को लगातार धमकियां दे रहे हैं।

दंपति का कहना है कि उन्हें आशंका है कि परिवार के सदस्य उन पर हमला कर सकते हैं। कथित धमकियों से परेशान होकर दोनों ने अपनी सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। युवती ने अदालत से आग्रह किया कि उसे और उसके पति को सुरक्षित जीवन जीने के लिए पुलिस संरक्षण दिया जाए। उसने कहा कि अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने के कारण उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने दंपति की सुरक्षा से जुड़ी चिंता को गंभीरता से लिया। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि दोनों को तत्काल उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। पुलिस से कहा गया कि दंपति को मिल रही कथित धमकियों का आकलन किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

अदालत के आदेश के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों को दंपति से संपर्क कर उनकी शिकायत जानने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्था करने को कहा गया है। पुलिस यह भी देख सकती है कि धमकियां किस माध्यम से दी गईं और उनके पीछे कौन लोग हैं। यदि दंपति के पास कॉल रिकॉर्डिंग, संदेश या अन्य कोई प्रमाण है तो उसे भी देखा जा सकता है। फिलहाल अदालत ने दोनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।

युवती और 60 वर्षीय व्यक्ति की शादी उम्र के बड़े अंतर के कारण चर्चा में है। दोनों के बीच 38 वर्षों का अंतर होने के बावजूद उन्होंने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। युवती का कहना है कि उसका निर्णय पूरी तरह स्वेच्छा से लिया गया है। उसने किसी दबाव या प्रलोभन में विवाह करने की बात से इनकार करते हुए अपने पति के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की है।

परिवार की ओर से इस रिश्ते का विरोध किए जाने के पीछे उम्र के अंतर और सामाजिक चिंताओं को कारण माना जा रहा है। हालांकि परिवार का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। युवती का आरोप है कि समझाने और बातचीत करने के बजाय परिजन दोनों को धमका रहे हैं। इसी कारण उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए अदालत की शरण लेनी पड़ी।

यह मामला एक बार फिर वयस्कों की व्यक्तिगत पसंद, पारिवारिक सहमति और सामाजिक मान्यताओं के बीच होने वाले टकराव को सामने लाता है। कई बार अलग जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति या उम्र में अधिक अंतर होने के कारण परिवार प्रेम विवाह का विरोध करते हैं। कुछ मामलों में यह विरोध धमकी और हिंसा की आशंका तक पहुंच जाता है। ऐसी परिस्थिति में संबंधित जोड़े अपनी जान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए न्यायालय का रुख करते हैं।

मामले में अदालत के निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दंपति के साथ कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस को दी गई जिम्मेदारी केवल सुरक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं रह सकती। कथित धमकियों की वास्तविकता और गंभीरता का पता लगाना भी जरूरी होगा। यदि किसी व्यक्ति ने दंपति को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जा सकते हैं।

दंपति ने अदालत के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि वे एक साथ रहना चाहते हैं। युवती ने परिवार के पास वापस जाने से इनकार करते हुए अपने पति के साथ जीवन बिताने की इच्छा जताई है। उसने कहा कि विवाह उसका स्वयं का निर्णय है और परिवार को इसे स्वीकार करना चाहिए। लेकिन लगातार मिल रही कथित धमकियों के कारण दोनों सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब दंपति को राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस द्वारा खतरे का आकलन करने के बाद सुरक्षा का स्वरूप तय किया जा सकता है। साथ ही परिवार के सदस्यों को समझाइश देने अथवा जरूरत पड़ने पर चेतावनी देने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। अदालत के आदेश का पालन करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों बिना डर और दबाव के रह सकें।

इस अनोखी प्रेम कहानी ने जहां उम्र के अंतर को लेकर समाज में नई चर्चा छेड़ दी है, वहीं कथित धमकियों ने इसे गंभीर कानूनी मामला बना दिया है। 22 वर्षीय युवती और 60 वर्षीय व्यक्ति ने परिवार की मर्जी के खिलाफ विवाह तो कर लिया, लेकिन अब उनके सामने अपने रिश्ते के साथ जीवन और सुरक्षा बचाने की चुनौती है। फिलहाल हाई कोर्ट ने पुलिस को तत्काल उचित सुरक्षा देने का निर्देश देकर दंपति को बड़ी राहत दी है।

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