सत्येंद्र जैन के बाद AAP के दो और नेताओं पर गिरफ्तारी का खतरा
सत्येंद्र जैन के बाद दो बड़े नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद पार्टी के दो अन्य बड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि दिल्ली के कथित क्लासरूम निर्माण और अस्पताल परियोजनाओं से जुड़े मामलों में भी जांच एजेंसियां आगे कार्रवाई कर सकती हैं। हालांकि, इन मामलों में अभी जांच जारी है और किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एसीबी ने सत्येंद्र जैन समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। इसके बाद आम आदमी पार्टी के कई पूर्व मंत्रियों और नेताओं पर चल रही जांचें फिर चर्चा में आ गई हैं।
कथित क्लासरूम निर्माण मामले में जांच एजेंसियां दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बनाए गए अतिरिक्त कमरों और निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं। आरोप लगाया गया है कि निर्माण लागत और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। इस मामले में पहले से ही राजनीतिक विवाद चलता रहा है।
वहीं अस्पताल निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कथित घोटाले को लेकर भी जांच की बात सामने आई है। आरोप है कि स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। जांच एजेंसियां दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
AAP नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार और जांच एजेंसियां राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही हैं। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई सबूतों और जांच के आधार पर की जा रही है।
दिल्ली की राजनीति में पहले भी आबकारी नीति, स्वास्थ्य और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी के कई नेताओं पर जांच चलती रही है। अब सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद क्लासरूम और अस्पताल मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यदि जांच एजेंसियां इन मामलों में आगे बढ़ती हैं तो इसका असर AAP की राजनीतिक रणनीति और दिल्ली की सियासत पर पड़ सकता है। हालांकि किसी भी नेता की भूमिका और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।