Delhi दिल्ली : 39 साल पुराने बलात्कार के मामले में एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महिला और उसके परिवार के साथ सहानुभूति जताई, जिन्हें मामले के अंत के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संजय करोल की पीठ ने राजस्थान उच्च न्यायालय के जुलाई 2013 के उस फैसले को खारिज करते हुए कहा, "यह बहुत दुख की बात है कि इस नाबालिग लड़की और उसके परिवार को अपने जीवन के इस भयावह अध्याय के समापन की प्रतीक्षा में लगभग चार दशक गुजारने पड़ रहे हैं।" महिला, जो 1986 में नाबालिग थी, के साथ 21 वर्षीय व्यक्ति ने बलात्कार किया था। नवंबर 1987 में उसे एक ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया और सात साल की जेल की सजा सुनाई।
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