राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने महाराष्ट्र आईएसआईएस आतंकी मॉड्यूल मामले में डॉ अदनानाली सरकार की सजा सुरक्षित कर ली है। मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने उन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13, 18, 20, 38 और 39 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 201 और 120-बी के तहत दोषी ठहराया।
उन्हें अधिकतम छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और 65,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने के लिए आईएसआईएस सदस्यों द्वारा एक साजिश के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के बाद 28 जून, 2023 को एनआईए की मुंबई शाखा द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया था।
जांच में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विदेश स्थित आईएसआईएस संचालकों से जुड़ी एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ। आरोपी कथित तौर पर संगठन की चरमपंथी विचारधारा का प्रचार करने, सदस्यों की भर्ती करने, आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और 'वॉयस ऑफ हिंद' और 'वॉयस ऑफ खुरासान' सहित आईएसआईएस प्रचार पत्रिकाओं को प्रसारित करने में शामिल थे। छह आरोपी, ताबिश नासिर सिद्दीकी, जुल्फिकार अली बड़ौदावाला उर्फ लालाभाई, शरजील शेख, आकिफ अतीक नाचन, जुबैर नूर मोहम्मद शेख उर्फ अबू नुसैबा और डॉ अदनानाली सरकार थे। मामले में आरोपपत्र दाखिल
विशेष अदालत ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र में उल्लिखित प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आरोप तय किए। सभी छह आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. बाकी पांच के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा.
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