नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोमवार देर रात मयूर विहार-अक्षरधाम रोड के पास हुई मुठभेड़ के बाद हत्या के मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी मेरठ का रहने वाला है और दिल्ली में हत्या तथा गोलीबारी से जुड़े मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच कई राउंड गोलियां चलीं, हालांकि इस दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को बिना किसी चोट के गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ दिल्ली में हुई अन्य वारदातों में उसकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है।
देर रात हुई पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सोमवार देर रात मयूर विहार-अक्षरधाम रोड के पास की गई। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि हत्या और गोलीबारी के मामलों में वांछित आरोपी इलाके में मौजूद हो सकता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना आरोपी से हुआ। पुलिस के अनुसार, उसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन स्थिति जल्द ही मुठभेड़ में बदल गई।
मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के दौरान किसी पुलिसकर्मी या आरोपी को गोली नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को काबू में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
छावला गोलीबारी मामले में भी था वांछित
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दिल्ली के छावला इलाके में हुई गोलीबारी के मामले में भी पुलिस को उसकी तलाश थी। इसके अलावा उस पर राजधानी में हत्या के मामलों में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं।
अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी दिल्ली में किन स्थानों पर आता-जाता था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पूछताछ के आधार पर पुलिस को उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मेरठ से जुड़ा है आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी मेरठ का रहने वाला है। दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच अपराध से जुड़े नेटवर्क की संभावित कड़ियों को देखते हुए पुलिस उसके पिछले संपर्कों की भी जांच कर रही है।
आरोपी के दिल्ली में आने-जाने और रहने के ठिकानों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह दिल्ली में किसी खास आपराधिक गतिविधि के लिए आया था या लंबे समय से यहां छिपकर रह रहा था।
जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध तकनीकी जानकारी का भी इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
किसी के घायल होने की सूचना नहीं
मुठभेड़ के दौरान कई राउंड गोलियां चलने के बावजूद किसी के घायल नहीं होने को पुलिस के लिए राहत की बात माना जा रहा है। आरोपी को भी बिना चोट के गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित थानों से रिकॉर्ड मंगाया जा सकता है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगे कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और वह किन लोगों के संपर्क में था।
पुराने मामलों की भी होगी पड़ताल
पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। हत्या और गोलीबारी के मामलों में उसकी कथित संलिप्तता को देखते हुए अधिकारियों को आशंका है कि वह अन्य आपराधिक घटनाओं में भी शामिल हो सकता है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि छावला की गोलीबारी के अलावा दिल्ली में किन घटनाओं में उसकी भूमिका रही है। साथ ही, उसके खिलाफ दर्ज मामलों में इस्तेमाल हुए हथियारों और अन्य आपराधिक गतिविधियों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
किसी वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अगला लक्ष्य उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाना होता है। इसी दिशा में पुलिस आरोपी के संपर्कों और उसके साथ काम करने वाले संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है।
मेरठ और दिल्ली के बीच उसके आने-जाने के रिकॉर्ड की जांच भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति ने छिपने या वारदात को अंजाम देने में मदद की थी।
फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी की पहचान या उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के बाद मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
सोमवार देर रात की इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हत्या और गोलीबारी जैसे गंभीर मामलों में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी से संबंधित मामलों की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उसके आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।