Delhi दिल्ली राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को भेजे अपने नोटिस में सिंह ने कहा कि ये मुद्दे राष्ट्रीय महत्व के हैं और इन पर तुरंत चर्चा की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "मैं सदन का ध्यान जनता से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले की ओर दिलाना चाहता हूँ। यह मामला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा को रद्द करने से जुड़ा है। यह परीक्षा बड़े पैमाने पर प्रश्न-पत्र लीक होने और गड़बड़ियों के आरोपों के कारण रद्द की गई थी, जिसके बाद पूरे देश में दोबारा परीक्षा करानी पड़ी।"
सिंह ने बताया कि पिछले नौ सालों में प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ा यह चौथा पेपर लीक का मामला है। उन्होंने कहा, "इससे परीक्षा प्रणाली की कमियां उजागर होती हैं और इसकी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठते हैं। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं ने भारत की परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता में जनता के भरोसे को बुरी तरह हिला दिया है।"
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि, "जहाँ मूल परीक्षा में 22,05,035 उम्मीदवार शामिल हुए थे, वहीं दोबारा परीक्षा में केवल 19,99,895 उम्मीदवार ही शामिल हुए। इसका मतलब है कि 2.05 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों ने दोबारा परीक्षा में शामिल न होने का फैसला किया।"