नई दिल्ली। देश की राजनीति में इन दिनों एक अनोखे नाम वाली संस्था "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) चर्चा का विषय बनी हुई है। यह नाम सुनते ही लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर ऐसी पार्टी बनाने का विचार आया कहां से? इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुद इस पूरी कहानी का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह शुरुआत किसी बड़ी राजनीतिक बैठक या रणनीति से नहीं हुई, बल्कि अमेरिका के बोस्टन में बैठे-बैठे और PS5 पर FIFA खेलते समय एक विचार से हुई थी।
अभिजीत दीपके के मुताबिक, उस समय वह अमेरिका में थे और नौकरी से जुड़े आवेदन व अन्य काम कर रहे थे। एक दिन तनाव के बीच वह वीडियो गेम खेल रहे थे। उसी दौरान एक टिप्पणी को लेकर उनकी नजर पड़ी और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट कर दी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह छोटी सी पोस्ट आगे चलकर एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लेगी।
PS5 पर FIFA खेलते-खेलते आया आइडिया
अभिजीत दीपके ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी का विचार अचानक आया। वह उस समय PS5 पर FIFA खेल रहे थे। नौकरी और भविष्य को लेकर चल रही चिंता के बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर एक मजाकिया अंदाज में पोस्ट लिखी।
उन्होंने सोचा था कि यह केवल एक व्यंग्य होगा और कुछ लोग इसे पसंद करेंगे। लेकिन देखते ही देखते यह पोस्ट युवाओं के बीच वायरल होने लगी। इसके बाद उन्होंने इस विचार को एक संगठन का रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।
गूगल फॉर्म से शुरू हुआ अभियान
दीपके ने बताया कि उन्होंने लोगों को जोड़ने के लिए एक गूगल फॉर्म बनाया। साथ ही AI की मदद से कुछ तस्वीरें और ग्राफिक्स तैयार किए गए। उन्हें उम्मीद थी कि शायद 100 या 200 लोग ही जुड़ेंगे।
लेकिन प्रतिक्रिया उम्मीद से कहीं ज्यादा मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने इसमें रुचि दिखाई और बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया। इस अप्रत्याशित प्रतिक्रिया ने दीपके को भी हैरान कर दिया।
नाम के पीछे क्या सोच थी?
कॉकरोच जनता पार्टी नाम सुनने में भले ही अजीब लगता है, लेकिन इसके पीछे व्यंग्य की सोच बताई गई है। दीपके का कहना है कि इस नाम के जरिए उन युवाओं की आवाज उठाने की कोशिश की गई, जिन्हें अक्सर बेरोजगारी, संघर्ष और व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों के कारण नजरअंदाज किया जाता है।
यह नाम राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष के तौर पर सामने आया। संगठन ने खुद को युवाओं के मुद्दों, रोजगार और शिक्षा जैसे विषयों से जोड़कर पेश किया।
सोशल मीडिया से जमीन तक पहुंचा आंदोलन
शुरुआत में यह पूरा अभियान सोशल मीडिया तक सीमित था। लेकिन लोगों की बढ़ती भागीदारी के बाद यह धीरे-धीरे सार्वजनिक मुद्दों से जुड़ने लगा।
कॉकरोच जनता पार्टी ने बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना शुरू किया। इसके बाद इसके समर्थकों ने कई जगहों पर प्रदर्शन भी किए। ([Live Hindustan][1])
कौन हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके डिजिटल कम्युनिकेशन और राजनीतिक रणनीति से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की और बाद में राजनीतिक संचार के क्षेत्र में काम किया।
वह पहले आम आदमी पार्टी के डिजिटल अभियानों से जुड़े रहे थे। बाद में उन्होंने अलग रास्ता अपनाया और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी अलग पहल शुरू की।
अचानक बढ़ी लोकप्रियता
कॉकरोच जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत सोशल मीडिया बनी। इसकी भाषा, मीम्स और व्यंग्यात्मक अंदाज ने बड़ी संख्या में युवाओं को आकर्षित किया।
जहां पारंपरिक राजनीतिक दल लंबे समय में अपना आधार बनाते हैं, वहीं CJP जैसी पहल ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए तेजी से लोगों तक पहुंच बनाई।
आलोचना भी हुई
जहां एक तरफ कई युवाओं ने इस पहल का समर्थन किया, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे केवल सोशल मीडिया अभियान बताया। आलोचकों का कहना है कि राजनीति केवल ऑनलाइन लोकप्रियता से नहीं चलती, बल्कि जमीन पर संगठन और नीति की जरूरत होती है।
वहीं समर्थकों का कहना है कि यह पहल युवाओं की नाराजगी और उनकी समस्याओं को सामने लाने का माध्यम है।
आगे की राह क्या?
कॉकरोच जनता पार्टी अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इसका भविष्य किस दिशा में जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि एक वीडियो गेम खेलते समय आए विचार ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस जरूर खड़ी कर दी।
अभिजीत दीपके की कहानी यह दिखाती है कि आज के डिजिटल दौर में एक सामान्य सोशल मीडिया पोस्ट भी बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। PS5 पर FIFA खेलते-खेलते शुरू हुआ यह विचार अब भारतीय राजनीति और युवाओं की चर्चाओं का हिस्सा बन चुका है।
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