दिल्ली क्राइम न्यूज़ अपडेटेड: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित जोगिंद्र और कमलेश सगे भाई बहन हैं। वह बीते 15 साल से फरार चल रहे थे। 2009 में उन्हें कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था। इनकी गिरफ्तारी की जानकारी संबंधित थाना पुलिस को दे दी गई है। अपराध शाखा के डीसीपी दीपक यादव ने बताया कि वर्ष 2006 में नांगलोई थाने में अपहरण और दुष्कर्म का एक मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 14 अप्रैल 2006 की दोपहर उसकी 13 वर्षीय बेटी दोस्त के घर जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। उसने अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि जोगिंदर और उसकी बहन कमलेश किशोरी के अपहरण के पीछे हो सकते हैं। उसके शक के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने जोगिंदर और कमलेश की तलाश की, लेकिन वह फरार हो चुके थे।

किशोरी की तलाश में छापेमारी कर रही पुलिस टीम ने इस बच्ची को तलाश लिया था। उसका मेडिकल कराया गया, जिसके बाद इस मामले में दुष्कर्म की धारा को भी जोड़ा गया। इस वारदात में दोनों आरोपित लगातार फरार चल रहे थे। सितंबर 2009 में कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया थ। इस मामले में अपराध शाखा की इंटरेस्ट रेट सेल को कुछ सुराग मिले थे। इसकी मदद से एसीपी उमेश की देखरेख में टीम ने अलीगढ़ स्थित उनके गांव में छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिले। पुलिस को पता चला कि दोनों भाई-बहन कभी-कभी अपने गांव आते हैं। जोगिंदर अभी भी अविवाहित है और वह दिल्ली एनसीआर में राजमिस्त्री का काम करता है। वहीं उसकी बहन का विवाह हो चुका है और वह दिल्ली में रहती है। यह भी पता चला कि वह चंदन विहार इलाके में रहती है। पुलिस टीम ने जांच करते हुए अलीगढ़ से जोगिंदर को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह गांव गया हुआ था। उससे हुई पूछताछ के बाद कमलजीत उर्फ कमलेश को पुलिस ने कड़कड़डूमा के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि जोगिंद्र नांगलोई इलाके में राजमिस्त्री का काम करता था और अपनी बहन के घर पर रहता था। यहां पर वह बच्ची के पिता से मिला जो मजदूरी करता था। वह लड़की को अच्छी नौकरी दिलाने के बहाने ले गया था। वह उसे अपने गांव ले गया जहां पर उसने किशोरी के ऊपर शादी का दबाव बनाया और उसके साथ जबरन संबंध बनाएं। इस मामले में पुलिस ने जब दबाव बनाया तो वह उसे आनंद विहार बस स्टॉप के पास छोड़ कर भाग गया था।

Tags: