एजुकेशन। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्रों का सपना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) या राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में दाखिला लेना होता है। लेकिन देश में कई ऐसे तकनीकी संस्थान भी हैं, जो पढ़ाई और कैंपस प्लेसमेंट के मामले में बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, लखनऊ (IIIT Lucknow)। संस्थान के बीटेक प्लेसमेंट से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सालाना पैकेज 1.45 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। वहीं, 96 प्रतिशत से अधिक पात्र छात्रों का प्लेसमेंट होने की जानकारी सामने आई है। इन आंकड़ों ने इंजीनियरिंग में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों का ध्यान इस संस्थान की ओर आकर्षित किया है।
IIIT लखनऊ के प्लेसमेंट ने खींचा ध्यान
आईआईआईटी लखनऊ सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर साइंस से संबंधित शिक्षा के लिए जाना जाता है।संस्थान के प्लेसमेंट आंकड़ों में बीटेक के लिए 1.45 करोड़ रुपये का सर्वोच्च वार्षिक पैकेज सामने आना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सबसे अधिक पैकेज किसी एक या सीमित संख्या में छात्रों को मिला हो सकता है। इसे संस्थान के प्रत्येक छात्र की संभावित कमाई नहीं माना जाना चाहिए।इसी तरह प्लेसमेंट प्रतिशत का आकलन करते समय यह देखना भी जरूरी है कि आंकड़ा सभी विद्यार्थियों का है या केवल प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लेने वाले पात्र छात्रों का।
2024-25 में 96.65 प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड
संस्थान की 2025-26 प्लेसमेंट ब्रोशर में पिछले वर्ष यानी 2024-25 के लिए बीटेक का अधिकतम पैकेज 1.45 करोड़ रुपये, औसत पैकेज 34.04 लाख रुपये और प्लेसमेंट प्रतिशत 96.65 दर्ज है।हालांकि, संस्थान के प्लेसमेंट सेल के अन्य प्रकाशित आंकड़ों में इसी सत्र के लिए 209 प्रतिभागियों में से 201 छात्रों का प्लेसमेंट, यानी 96.17 प्रतिशत, और औसत पैकेज 33.71 लाख रुपये बताया गया है। इसलिए अलग-अलग रिपोर्टों में उपलब्ध आंकड़ों के बीच यह अंतर ध्यान में रखना जरूरी है।
2025-26 में औसत पैकेज बढ़कर 40 लाख रुपये
आईआईआईटी लखनऊ के नवीनतम उपलब्ध बीटेक प्लेसमेंट आंकड़े भी उत्साहजनक हैं।शैक्षणिक सत्र 2025-26 में संस्थान का औसत वार्षिक पैकेज बढ़कर 40 लाख रुपये पहुंच गया। इस दौरान मीडियन पैकेज 41.5 लाख रुपये रहा।इस बैच के 217 पात्र छात्रों में से 204 को प्लेसमेंट मिला, जिससे प्लेसमेंट दर लगभग 94 प्रतिशत रही।हालांकि, इस वर्ष अधिकतम घरेलू पैकेज एक करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 1.45 करोड़ रुपये से कम है।इससे स्पष्ट होता है कि किसी संस्थान का मूल्यांकन केवल सबसे बड़े पैकेज के आधार पर नहीं करना चाहिए। औसत और मीडियन वेतन भी महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
बड़ी कंपनियों में नौकरी के अवसर
आईआईआईटी लखनऊ के छात्रों को कई प्रतिष्ठित तकनीकी कंपनियों में काम करने का अवसर मिला है।संस्थान की प्लेसमेंट जानकारी के अनुसार, अमेजन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, उबर, जोमैटो, पेपाल और सिस्को जैसी कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया है।सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित छात्रों की मांग बनी हुई है।संस्थान का पाठ्यक्रम और तकनीकी प्रशिक्षण छात्रों को इन क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसर प्रदान करता है।
आईआईआईटी लखनऊ में कौन-कौन से कोर्स?
आईआईआईटी लखनऊ में बीटेक स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा कंप्यूटर साइंस एवं बिजनेस से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।इन कोर्सों में प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा संरचना, एल्गोरिदम और आधुनिक तकनीकों से संबंधित विषय पढ़ाए जाते हैं।संस्थान में छात्रों को प्रोजेक्ट, तकनीकी प्रतियोगिताओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर भी मिलते हैं।
एडमिशन कैसे मिलता है?
आईआईआईटी लखनऊ के बीटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश मुख्य रूप से जेईई मेन की रैंक के आधार पर होता है।पात्र उम्मीदवारों को जोसा या संबंधित काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होता है।छात्रों को संस्थान और पसंदीदा ब्रांच का चयन करते समय कटऑफ, उपलब्ध सीटों, फीस और पात्रता की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से जांचनी चाहिए।अलग-अलग ब्रांचों और श्रेणियों के लिए प्रवेश की अंतिम रैंक अलग हो सकती है।
प्लेसमेंट पैकेज और इन-हैंड सैलरी में अंतर
किसी छात्र को 1.45 करोड़ रुपये का वार्षिक पैकेज मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसे हर महीने करीब 12 लाख रुपये सीधे बैंक खाते में मिलेंगे।कंपनियों के वेतन पैकेज में निश्चित वेतन के साथ बोनस, शेयर आधारित लाभ और अन्य सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।इसलिए वास्तविक मासिक वेतन और घोषित सीटीसी में अंतर हो सकता है।छात्रों को नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर उसके सभी आर्थिक घटकों को समझना चाहिए।
कॉलेज चुनते समय किन बातों पर दें ध्यान?
इंजीनियरिंग कॉलेज चुनते समय प्लेसमेंट प्रतिशत के अलावा शिक्षण व्यवस्था, प्रयोगशालाएं, इंटर्नशिप, उद्योगों से संपर्क और छात्रों के अनुभव पर भी ध्यान देना चाहिए।किसी एक वर्ष का सबसे बड़ा पैकेज पूरे संस्थान की स्थिति नहीं बताता।तीन से पांच वर्षों के प्लेसमेंट आंकड़ों की तुलना करने से बेहतर जानकारी मिल सकती है।
Tags: