नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयरों में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। मजबूत तिमाही नतीजों और भविष्य की बेहतर संभावनाओं के चलते निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे कंपनी के शेयर में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही प्रमुख ब्रोकरेज हाउस एलारा सिक्योरिटीज और एमके ग्लोबल ने भी एलआईसी के शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसे खरीदने की सलाह दी है। एलारा सिक्योरिटीज का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से एलआईसी का शेयर 60 प्रतिशत से अधिक की तेजी दिखा सकता है।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में एलआईसी का शेयर करीब डेढ़ प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 392.80 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में हुए बदलाव और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। एलारा सिक्योरिटीज ने एलआईसी पर अपनी **'बाय'** रेटिंग बरकरार रखते हुए 635 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया है। मौजूदा कीमत के मुकाबले यह करीब 64 प्रतिशत की संभावित बढ़त दर्शाता है। वहीं एमके ग्लोबल ने भी कंपनी पर **'बाय'** रेटिंग बनाए रखते हुए 550 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार एलआईसी ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी उत्पाद रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पहले कंपनी बड़े ग्राहक वर्ग पर अधिक ध्यान देती थी, लेकिन अब वह अधिक सम-एश्योर्ड (बीमा राशि) वाली नॉन-पार (Non-PAR) पॉलिसियों पर फोकस कर रही है। इससे कंपनी की लाभप्रदता में सुधार होने की संभावना बढ़ी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति आने वाले वर्षों में कंपनी के मुनाफे को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकती है।
अगर शेयर के पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो अप्रैल 2026 में यह करीब 361 रुपये के स्तर तक फिसल गया था, जो इसका 52 सप्ताह का निचला स्तर रहा। इसके बाद शेयर में लगातार सुधार देखने को मिला। वहीं 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 468.30 रुपये रहा है। दिलचस्प बात यह है कि एलारा सिक्योरिटीज का 635 रुपये का लक्ष्य मूल्य इस उच्चतम स्तर से भी काफी ऊपर है, जो ब्रोकरेज के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी के तिमाही नतीजों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एलआईसी का शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढ़कर 13,492 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 10,987 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 2,37,848 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 2,22,864 करोड़ रुपये थी।
प्रीमियम आय के आंकड़े भी कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। पहली वर्ष की प्रीमियम आय बढ़कर 9,217 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 7,525 करोड़ रुपये थी। वहीं रिन्यूएबल प्रीमियम से आय 61,833 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले यह 59,885 करोड़ रुपये थी। सिंगल प्रीमियम से प्राप्त आय भी बढ़कर 56,369 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही में 51,923 करोड़ रुपये थी।
इन सभी कारकों के चलते कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,27,250 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,19,200 करोड़ रुपये थी। हालांकि कंपनी के कुल खर्च भी बढ़े और यह 2,25,573 करोड़ रुपये पर पहुंच गए, लेकिन मजबूत आय वृद्धि के कारण मुनाफे पर इसका नकारात्मक असर सीमित रहा।
एलआईसी की वित्तीय मजबूती का एक और महत्वपूर्ण संकेत उसका **सॉल्वेंसी अनुपात** है। जून तिमाही में यह बढ़कर 2.42 गुना हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 2.17 गुना था। सॉल्वेंसी अनुपात किसी बीमा कंपनी की दावों का भुगतान करने की क्षमता को दर्शाता है। इसका बेहतर होना निवेशकों और पॉलिसीधारकों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत तिमाही नतीजे, उत्पाद रणनीति में बदलाव, प्रीमियम आय में निरंतर वृद्धि और बेहतर सॉल्वेंसी अनुपात एलआईसी के शेयर के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के अधीन होता है। इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले निवेशकों को अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लेनी चाहिए।