TikTok का बड़ा सेटलमेंट, नाबालिगों की निजता उल्लंघन मामले में करोड़ों का भुगतान
अमेरिका में TikTok की मुश्किलें बढ़ीं, बच्चों के डेटा विवाद में चुकाएगा भारी रकम
नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok ने बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े मामले में अमेरिका में चल रहे मुकदमे को खत्म करने के लिए 40 करोड़ डॉलर (करीब 3,500 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान करने पर सहमति जताई है। यह मामला बच्चों की निजी जानकारी के कथित गलत इस्तेमाल और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ा था।
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की ओर से दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि TikTok और उसकी पैरेंट कंपनी ByteDance ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों की जानकारी बिना अभिभावकों की अनुमति के एकत्र की और उसे सुरक्षित रखने में नियमों का उल्लंघन किया।
COPPA कानून के उल्लंघन का आरोप
यह मामला अमेरिका के Children’s Online Privacy Protection Act (COPPA) से जुड़ा है। इस कानून के तहत बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और निजी डेटा की सुरक्षा के लिए कंपनियों को विशेष नियमों का पालन करना होता है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप था कि TikTok ने कम उम्र के यूजर्स के डेटा को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती और अभिभावकों की सहमति से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया।
40 करोड़ डॉलर का होगा भुगतान
समझौते के तहत TikTok करीब 400 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें 300 मिलियन डॉलर का भुगतान तुरंत और 100 मिलियन डॉलर का भुगतान पुराने कानूनी समझौते से जुड़े प्रावधानों के तहत किया जाएगा। इस समझौते के तहत TikTok या ByteDance ने किसी भी गलत काम को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी ने कानूनी विवाद को खत्म करने के लिए यह समझौता किया है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
दुनिया भर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र के यूजर्स की जानकारी का इस्तेमाल करते समय कंपनियों को अधिक सख्त सुरक्षा नियम अपनाने चाहिए। TikTok ने पहले भी बच्चों की सुरक्षा के लिए उम्र सत्यापन, पैरेंटल कंट्रोल और अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की बात कही है।
TikTok के लिए राहत भी और चुनौती भी
यह समझौता TikTok के लिए लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, कंपनी पर दुनियाभर में डेटा सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी को लेकर निगरानी जारी है। सोशल मीडिया कंपनियों के लिए आने वाले समय में बच्चों के डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी।