बिजनेस डेस्क :   टाटा समूह की डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवा कंपनी टाटा एलेक्सी के सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद बुधवार, 14 अक्टूबर को शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई पर शेयर करीब सात प्रतिशत चढ़कर 3,657 रुपये तक पहुंचा। कंपनी ने सालाना आधार पर मुनाफे और राजस्व में वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद ब्रोकरेज की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं है। कुछ विश्लेषक कारोबारी सुधार को स्वीकार करते हुए भी भविष्य की वृद्धि और लाभप्रदता को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। यह कीमत शुरुआती कारोबार की है, दिन का अंतिम बंद भाव नहीं। 

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा लगभग 170 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह करीब 155 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना वृद्धि लगभग 10 प्रतिशत रही। परिचालन राजस्व 918.10 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,055.66 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। अन्य आय सहित कुल आय 966.98 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,090.57 करोड़ रुपये रही। कंपनी के बोर्ड ने मंगलवार को सितंबर में समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणाम मंजूर किए थे। 

पिछली तिमाही से तुलना करने पर तस्वीर कुछ अलग है। जून तिमाही में परिचालन राजस्व 1,021.11 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले सितंबर तिमाही में लगभग 3.38 प्रतिशत वृद्धि हुई। हालांकि, जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 170.60 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर बढ़ोतरी के बावजूद तिमाही आधार पर मुनाफा लगभग स्थिर रहा। सितंबर तिमाही में प्रति शेयर आय 27.34 रुपये रही, जबकि एक साल पहले यह 24.85 रुपये थी। सॉफ्टवेयर विकास और सेवाओं से 1,027.87 करोड़ रुपये तथा सिस्टम इंटीग्रेशन और सपोर्ट सेवाओं से 27.79 करोड़ रुपये का राजस्व आया।  
लागत के आंकड़े विश्लेषकों की सतर्कता का एक कारण बताते हैं। कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 851 करोड़ रुपये हो गया। कर्मचारी लाभ खर्च 539 करोड़ रुपये से बढ़कर 620 करोड़ रुपये पहुंचा। अन्य खर्च भी लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 131 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, अन्य आय 49 करोड़ रुपये से घटकर करीब 35 करोड़ रुपये रह गई। इस वजह से राजस्व बढ़ने की पूरी रफ्तार मुनाफे में दिखाई नहीं दी। शुद्ध लाभ मार्जिन एक साल पहले के 16.9 प्रतिशत से घटकर लगभग 16.1 प्रतिशत रहा। 
ब्रोकरेज 360 वन कैपिटल ने बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद ‘सेल’ रेटिंग बनाए रखी है। उसने लक्ष्य मूल्य 2,780 रुपये से बढ़ाकर 2,840 रुपये किया, लेकिन अधिक लगातार बेहतर प्रदर्शन की जरूरत बताई। उसके अनुसार, व्यापक आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है और मार्जिन में सुधार धीरे-धीरे हो सकता है। निर्मल बंग ने ‘होल्ड’ रेटिंग तथा 3,825 रुपये का लक्ष्य मूल्य बरकरार रखा। उसकी नजर में सुधार नए सौदों के शुरू होने और पूरा होने पर निर्भर है। यूरोप के ऑटोमोबाइल बाजार की कमजोरी भी कारोबार की वृद्धि के लिए जोखिम है। ये लक्ष्य मूल्य संबंधित ब्रोकरेज के अनुमान हैं। Markets 
कंपनी के कारोबार में सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्र में स्थिर मुद्रा आधार पर पिछली तिमाही से दो प्रतिशत वृद्धि हुई। मीडिया और कम्युनिकेशंस में 3.4 प्रतिशत तथा हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज में 3.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी को क्लाउड आधारित टेलीमैटिक्स और कनेक्टेड वाहन प्रणाली के लिए बहुवर्षीय सौदा मिला है। एक वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए कई भाषाओं में काम करने वाला जनरेटिव एआई वर्चुअल असिस्टेंट विकसित करने का काम भी हासिल हुआ है। 
सितंबर तिमाही में एबिटडा 231.4 करोड़ रुपये और एबिटडा मार्जिन 21.9 प्रतिशत रहा। मार्जिन पिछली तिमाही से 70 आधार अंक सुधरा। प्रबंधन ने परिचालन दक्षता को इसका कारण बताया और वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद जताई। कंपनी ने एआई आधारित सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षमताएं बढ़ाने के लिए काविया एआई में शुरुआती निवेश भी किया है।

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