बिजनेस : ग्रीन एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहने के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। नतीजों की घोषणा के बाद सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार बंद होने तक कंपनी का शेयर करीब 9.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बीएसई पर मंगलवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर 53.21 रुपये के स्तर पर खुले थे। कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ने के कारण कंपनी के शेयर गिरकर 47.84 रुपये तक पहुंच गए। दिन के निचले स्तर पर स्टॉक में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। हालांकि कारोबार के आखिरी समय में शेयर में कुछ सुधार आया, लेकिन इसके बावजूद यह 9.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48.03 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
शेयरों में आई इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के जून तिमाही के नतीजे रहे। सुजलॉन एनर्जी ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी किए। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी ने बताया कि अप्रैल से जून 2026 तिमाही के दौरान उसका शुद्ध लाभ 305 करोड़ रुपये रहा है। वहीं पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 324 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में कमी आई है।
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन की बात करें तो EBITDA यानी ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई भी मामूली रूप से घटी है। जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 595 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे पहले की अवधि में यह आंकड़ा थोड़ा अधिक था। मुनाफे में कमी और EBITDA में हल्की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई, जिसके चलते शेयरों में दबाव देखने को मिला।
हालांकि कंपनी के लिए राहत की बात यह रही कि ऑपरेशनल रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुजलॉन एनर्जी का परिचालन से मिलने वाला राजस्व इस तिमाही में 22.50 प्रतिशत बढ़कर 3819 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 3117 करोड़ रुपये था। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के कारोबार में विस्तार जारी है, लेकिन खर्च और अन्य कारणों के चलते मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।
सुजलॉन एनर्जी भारत की प्रमुख अक्षय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है और मुख्य रूप से विंड एनर्जी यानी पवन ऊर्जा क्षेत्र में काम करती है। देश में बढ़ते ग्रीन एनर्जी सेक्टर और सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण कंपनी पर निवेशकों की नजर रहती है। पिछले कुछ समय में सुजलॉन के शेयरों ने बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन ताजा तिमाही परिणामों के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी कंपनी के शेयर में गिरावट केवल एक दिन के नतीजों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि भविष्य की कमाई, ऑर्डर बुक, मार्जिन और सेक्टर की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सुजलॉन के मामले में निवेशक अब कंपनी के आगामी प्रदर्शन और नए ऑर्डर्स पर नजर बनाए रखेंगे।
कंपनी के लिए आने वाली तिमाहियां काफी अहम रहने वाली हैं। अगर कंपनी राजस्व वृद्धि को बनाए रखते हुए मुनाफे में सुधार करने में सफल रहती है तो शेयरों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल जून तिमाही के कमजोर मुनाफे के कारण सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर दबाव बना हुआ है और निवेशक कंपनी के अगले अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।