नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को लेकर दिए गए बयान के बाद निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार आगामी केंद्रीय बजट से पहले होने वाली चर्चाओं में एलटीसीजी टैक्स हटाने से जुड़े सुझावों को सुनने के लिए तैयार है। उनके इस बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी और बढ़ गई। हालांकि, वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार वास्तव में एलटीसीजी टैक्स समाप्त करेगी या इसकी दरों में किसी प्रकार का बदलाव किया जाएगा।
मंगलवार को शेयर बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 प्रतिशत बढ़कर 73,033.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत चढ़कर 22,721.95 पर पहुंच गया। बाजार की इस तेजी में टैक्स सुधार की उम्मीदों के अलावा आईटी शेयरों में खरीदारी और रुपये की मजबूती का भी योगदान रहा।
एलटीसीजी टैक्स को लेकर वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में निवेशकों की कर संबंधी चिंताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लंबे समय से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को लेकर अपने विचार रख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों पर समान कर व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठ रही है। इन विषयों पर चर्चा को सकारात्मक बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बजट से पहले संबंधित पक्षों के सुझावों को ध्यान से सुनेगी।
हालांकि, उन्होंने किसी संभावित बदलाव को लेकर प्रतिबद्धता नहीं जताई। वित्त मंत्री के अनुसार, केंद्रीय बजट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और इस चरण में किसी कर बदलाव की घोषणा करना जल्दबाजी होगी।
वित्त मंत्री के बयान के बाद बाजार में आई तेजी
मंगलवार सुबह से ही भारतीय शेयर बाजार में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे थे। आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और रुपये में मजबूती के कारण प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
लेकिन वित्त मंत्री के एलटीसीजी और एसटीटी पर दिए बयान के बाद बाजार में निवेशकों का उत्साह और बढ़ गया।दोपहर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स लगभग 930 अंक बढ़कर 72,854 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी में करीब 295 अंकों की बढ़त दर्ज की गई थी।बाद में बाजार की तेजी और मजबूत हुई तथा सेंसेक्स 1100 अंक से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ।
क्या होता है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स?
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी एलटीसीजी टैक्स वह कर है, जो किसी निवेश को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रखने के बाद बेचने पर हुए लाभ पर लगाया जाता है।शेयर बाजार में सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों और इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंडों के मामले में निर्धारित शर्तों के तहत एक वर्ष से अधिक की होल्डिंग अवधि को लंबी अवधि माना जाता है।
वर्तमान कर व्यवस्था के अनुसार, संबंधित शर्तें पूरी करने वाले इक्विटी निवेश पर एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर सामान्यतः 12.5 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाता है। लागू सरचार्ज और सेस अलग हो सकते हैं।इसलिए निवेशकों के लिए एलटीसीजी टैक्स की दर और इससे संबंधित छूट सीमा महत्वपूर्ण होती है।
एसटीटी टैक्स पर भी उठ रहे सवाल
एलटीसीजी के अलावा सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी को लेकर भी चर्चा चल रही है।एसटीटी शेयर बाजार में कुछ निर्धारित प्रतिभूति लेनदेन पर लगाया जाने वाला कर है। इसकी दरें लेनदेन की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग होती हैं।निवेशकों का एक वर्ग मानता है कि बाजार में लेनदेन और निवेश पर लगने वाले विभिन्न करों की समीक्षा की जानी चाहिए।
वहीं कर व्यवस्था में बदलाव करते समय सरकार को राजस्व संग्रह, बाजार की स्थिरता और निवेशकों के हितों के बीच संतुलन भी बनाना पड़ता है।वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की कर राहत घोषित नहीं की गई है।
विदेशी निवेशकों की मांग पर भी सरकार की नजर
भारत के शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली का असर बाजार की चाल पर पड़ सकता है।हाल के समय में विदेशी पूंजी की निकासी और भारतीय बाजार में निवेश को अधिक आकर्षक बनाने के उपायों को लेकर चर्चा बढ़ी है।इसी बीच एलटीसीजी टैक्स की समीक्षा की मांग भी सामने आई है। एसबीआई रिसर्च की ओर से इक्विटी निवेश पर एलटीसीजी टैक्स हटाने से जुड़ा सुझाव दिया गया है।सरकार इस तरह के प्रस्तावों की समीक्षा कर रही है, लेकिन अभी किसी बदलाव का अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
आईटी शेयरों की तेजी से भी बाजार को मिला सहारामंगलवार को शेयर बाजार में आई बढ़त केवल वित्त मंत्री के बयान तक सीमित नहीं रही। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
एचसीएल टेक के बेहतर तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। निफ्टी आईटी सूचकांक लगभग 5.2 प्रतिशत उछला।एचसीएल टेक के शेयरों में करीब 8.4 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में लगभग 6.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।इसके अलावा भारतीय रुपये की मजबूती ने भी शेयर बाजार की धारणा को समर्थन दिया।
आम निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है बयान?
वित्त मंत्री के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या आगामी केंद्रीय बजट में एलटीसीजी टैक्स समाप्त किया जा सकता है।यदि सरकार भविष्य में इस कर को कम करती है या समाप्त करती है तो निर्धारित निवेश श्रेणियों में कर के बाद मिलने वाले लाभ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल यह केवल संभावित नीतिगत बदलाव को लेकर चर्चा है। सरकार ने न तो एलटीसीजी टैक्स हटाने की घोषणा की है और न ही इसकी दरों में बदलाव का प्रस्ताव औपचारिक रूप से जारी किया है।इसलिए निवेशकों को केवल संभावित टैक्स राहत की उम्मीद के आधार पर निवेश संबंधी फैसले लेने से बचना चाहिए।
अब बजट 2027 पर टिकी निवेशकों की नजर
निर्मला सीतारमण के बयान के बाद अब निवेशकों की नजर केंद्रीय बजट 2027-28 से पहले होने वाली चर्चाओं पर रहेगी।एलटीसीजी और एसटीटी में संभावित बदलाव, विदेशी निवेशकों की मांग और विभिन्न एसेट क्लास के लिए कर व्यवस्था की समीक्षा आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण विषय बने रह सकते हैं।सरकार को किसी भी कर परिवर्तन से पहले उसके आर्थिक प्रभाव और राजस्व पर पड़ने वाले असर का मूल्यांकन करना होगा।
फिलहाल मंगलवार को शेयर बाजार की जबरदस्त तेजी ने दिखाया है कि टैक्स सुधार की संभावना को लेकर निवेशकों में उत्साह है। लेकिन एलटीसीजी टैक्स समाप्त होगा या नहीं, इसका जवाब सरकार के किसी आधिकारिक फैसले के बाद ही मिलेगा।
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