Business व्यापर : सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार 24 अगस्त 2026 को एक बार फिर हलचल देखने को मिली। घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और 24 कैरेट सोना करीब 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। वहीं चांदी में ऊंचे स्तर से कुछ नरमी देखने को मिली। अलग-अलग बाजार स्रोतों के मुताबिक कीमतों में अंतर भी दिखाई दे रहा है, इसलिए सोना या चांदी खरीदने से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर से ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है।

24 अगस्त के उपलब्ध राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,62,810 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि चांदी का भाव करीब 2,47,540 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया। हालांकि खुदरा बाजार और अलग-अलग डेटा प्लेटफॉर्म पर सोने-चांदी की कीमतों में अंतर हो सकता है। स्थानीय टैक्स, डीलर प्रीमियम और बाजार की परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित करती हैं।

सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान तेज उछाल देखने को मिला है। एक रिपोर्ट के अनुसार महज चार दिनों में सोने के भाव में करीब 8,400 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग को इस तेजी के पीछे महत्वपूर्ण कारणों में गिना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर जब आर्थिक या भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ता है तो निवेशकों का रुझान अक्सर सोने जैसे सुरक्षित माने जाने वाले एसेट की तरफ बढ़ जाता है।

दिल्ली में भी सोना ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में मामूली अंतर देखा जा सकता है। बाजार में 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषण बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोने का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। 18 कैरेट सोने का उपयोग भी कई तरह की ज्वेलरी में किया जाता है।

कोलकाता के उपलब्ध खुदरा आंकड़ों में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 16,397 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव करीब 15,030 रुपये प्रति ग्राम दिखाया गया है। इसका मतलब 10 ग्राम के हिसाब से कीमत क्रमशः करीब 1.64 लाख और 1.50 लाख रुपये बैठती है। हालांकि दिन के दौरान बाजार भाव बदल सकते हैं।

चांदी के बाजार में भी बड़ी हलचल बनी हुई है। एक राष्ट्रीय बाजार स्रोत ने 24 अगस्त को चांदी का भाव करीब 2,47,540 रुपये प्रति किलो बताया है। दूसरी ओर कुछ रिटेल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर चांदी करीब 260 रुपये प्रति ग्राम यानी 2.60 लाख रुपये प्रति किलो तक दिखाई गई। इससे साफ है कि अलग-अलग बाजार और स्रोतों में कीमतों का अंतर काफी हो सकता है। खरीदारों को इसलिए अपने स्थानीय बाजार का वास्तविक बिक्री भाव जरूर पता करना चाहिए।

सोने की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक तनाव सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। निवेशक जोखिम बढ़ने की स्थिति में सोने की तरफ रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ सकती हैं।

भारत में सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव से सीधे प्रभावित होती है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। अगर रुपया कमजोर होता है तो विदेश से आयात होने वाला सोना महंगा पड़ सकता है। भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमत और करेंसी में बदलाव घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है।

अगर आप आज सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल प्रति ग्राम सोने की कीमत देखकर अंतिम खर्च का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। ज्वेलरी खरीदते समय सोने के वास्तविक मूल्य के साथ मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी जुड़ते हैं। डिजाइन और ज्वेलर के आधार पर मेकिंग चार्ज अलग-अलग हो सकता है। इसी वजह से दुकान पर भुगतान की जाने वाली अंतिम कीमत बाजार में बताए गए बेस गोल्ड रेट से अधिक होती है।

सोना खरीदते समय शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। 24 कैरेट सोना लगभग शुद्ध सोना होता है, लेकिन यह काफी नरम होने के कारण सामान्य आभूषण बनाने में कम इस्तेमाल होता है। ज्वेलरी में 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल अधिक देखने को मिलता है। हॉलमार्क वाली ज्वेलरी खरीदना और खरीदारी का पक्का बिल लेना उपभोक्ता के लिए बेहतर रहता है।

चांदी खरीदने वालों को भी शुद्धता और अंतिम कीमत की जानकारी लेनी चाहिए। सिक्के, बार और चांदी के आभूषणों की कीमतें अलग हो सकती हैं। चांदी के आभूषणों में भी मेकिंग चार्ज जुड़ सकता है, जिससे बाजार भाव और दुकान पर मिलने वाली कीमत में अंतर आता है।

फिलहाल सोना ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है और 24 कैरेट का राष्ट्रीय भाव 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब दिखाई दे रहा है। वहीं चांदी में स्रोत और शहर के अनुसार बड़ा अंतर बना हुआ है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर और वैश्विक परिस्थितियां सोने-चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में खरीदारों और निवेशकों को कीमतों में तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी करने के बजाय अपने शहर का ताजा भाव जांचकर ही फैसला करना चाहिए।

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