Business बिजनेस : अगर आप आने वाले महीनों में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर अहम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विमान ईंधन की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारण हवाई किराए में तेजी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में एयर टिकट की कीमतों में 20% से 25% तक की बढ़ोतरी संभव है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक बाजार में जेट फ्यूल यानी ATF (Aviation Turbine Fuel) की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत में इजाफा हो रहा है। इसी बढ़ी हुई लागत का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है। एयरलाइंस कंपनियां पहले से ही ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जूझ रही हैं और अब हालात और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव के चलते कई रूट्स पर उड़ानों की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा कुछ देशों में सप्लाई चेन प्रभावित होने से विमान ईंधन की उपलब्धता भी सीमित हो रही है। इसका असर केवल अंतरराष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि घरेलू उड़ानों पर भी देखने को मिल सकता है।
एविएशन सेक्टर के जानकारों के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आई तो एयरलाइंस कंपनियां मजबूर होकर किराए बढ़ा सकती हैं। ऐसे में त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में टिकट बुकिंग पहले से महंगी हो सकती है।
यात्रा विशेषज्ञों का सुझाव है कि अगर आप आने वाले समय में फ्लाइट बुक करने की सोच रहे हैं, तो पहले से टिकट बुक करना फायदेमंद हो सकता है। इससे संभावित बढ़ोतरी से कुछ हद तक बचा जा सकता है।
हालांकि कुछ एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को आकर्षित करने के लिए ऑफर्स और डिस्काउंट भी दे सकती हैं, लेकिन कुल मिलाकर ट्रेंड बढ़ते किराए की ओर ही इशारा कर रहा है।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई की स्थिति हवाई यात्रा को महंगा बना सकती है और आने वाले महीनों में यात्रियों को अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।