बिजनेस : सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बुधवार को सर्राफा बाजार में सोने के भाव में नरमी देखने को मिली, जिससे खरीदारी करने वालों को थोड़ी राहत मिली है। 24 कैरेट सोने का भाव करीब **1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम** के आसपास बना हुआ है। निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों की नजर अब सोने के अगले रुख पर टिकी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हलचल और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक तनाव जैसे कई कारण सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
सोने के दाम में क्यों आई गिरावट?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिका में आर्थिक संकेतकों और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है। जब ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बदलती हैं तो सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों पर भी असर पड़ता है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी आने से घरेलू बाजार में भी भाव नीचे आए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की मांग मजबूत बनी रह सकती है।
आज का सोने का भाव
बाजार में सोने की कीमतें शुद्धता के हिसाब से अलग-अलग होती हैं। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल ज्यादातर आभूषण बनाने में किया जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास रही है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम रहती है। अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय बाजार के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।
शादी और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों को राहत
भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं बल्कि परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। शादी-विवाह और त्योहारों के समय सोने की मांग बढ़ जाती है।
कीमतों में थोड़ी गिरावट आने से उन ग्राहकों को राहत मिल सकती है जो लंबे समय से सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे।
हालांकि ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ सोने के भाव ही नहीं बल्कि मेकिंग चार्ज, जीएसटी और शुद्धता की जांच भी जरूरी होती है।
निवेशकों की नजर सोने पर
सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और वैश्विक तनाव के समय निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं।
हाल के वर्षों में सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है, लेकिन कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में निवेश करने वालों को बाजार के उतार-चढ़ाव को समझकर फैसला लेना चाहिए।
चांदी की कीमतों में भी हलचल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। औद्योगिक मांग और निवेशकों की गतिविधियों का असर चांदी के भाव पर पड़ता है।
मौजूदा समय में कीमती धातुओं के बाजार पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का प्रभाव ज्यादा दिखाई दे रहा है।
सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
* हमेशा हॉलमार्क वाला सोना खरीदें।
* 22 कैरेट और 24 कैरेट की शुद्धता समझें।
* मेकिंग चार्ज और जीएसटी की जानकारी जरूर लें।
* खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में कीमतों की तुलना करें।
सोने की कीमतें दिन में कई बार बदल सकती हैं, इसलिए खरीदारी से पहले ताजा रेट की जानकारी लेना बेहतर रहता है।
आगे कैसा रह सकता है सोने का भाव?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले समय में सोने की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दर, डॉलर इंडेक्स, वैश्विक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी का असर रहेगा।
अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की मांग मजबूत रह सकती है। वहीं बाजार में स्थिरता आने पर कीमतों में दबाव भी देखने को मिल सकता है।