मुंबई: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर एक नया मुद्दा सामने आया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के CEO सुंदररमण राममूर्ति ने संकेत दिया है कि IPO के बाद NSE का अपनी ही एक्सचेंज पर खुद को लिस्ट करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत एक्सचेंज का सेल्फ-लिस्टिंग करना संभव नहीं है।

NSE लंबे समय से अपने IPO की तैयारी कर रहा है। बाजार में चर्चा थी कि लिस्टिंग के बाद NSE अपने शेयरों को अपने प्लेटफॉर्म पर भी ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध करा सकता है, लेकिन इसके लिए नियामकीय मंजूरी की जरूरत होगी।
NSE का IPO क्यों है खास?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े संभावित पब्लिक इश्यू में से एक माना जा रहा है। NSE ने कई वर्षों के इंतजार के बाद IPO की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार NSE का IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) मॉडल पर आधारित हो सकता है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। कंपनी को सीधे नया फंड नहीं मिलेगा।
सेल्फ लिस्टिंग पर क्यों उठे सवाल?
BSE CEO के बयान के बाद NSE की सेल्फ-लिस्टिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक्सचेंज का खुद अपने ही प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होना हितों के टकराव और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर सकता है। यही वजह है कि मौजूदा नियमों में एक्सचेंजों के सेल्फ-लिस्टिंग को लेकर सीमाएं रखी गई हैं। NSE को अपने शेयरों की ट्रेडिंग के लिए अलग नियामकीय अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।
BSE CEO ने क्या कहा?
BSE के CEO सुंदररमण राममूर्ति ने कहा कि NSE अपने IPO के बाद खुद को अपनी एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि BSE ने भी पहले इस तरह की अनुमति लेने की कोशिश की थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी। उनके बयान के बाद BSE के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने इसे BSE के लिए सकारात्मक संकेत के तौर पर लिया।
NSE IPO की राह हुई आसान
हालांकि NSE IPO से जुड़े कई पुराने नियामकीय मुद्दे अब काफी हद तक सुलझ चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामलों में राहत मिलने के बाद IPO की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है। SEBI की मंजूरी के बाद NSE ने IPO की तैयारी आगे बढ़ाई है और कंपनी ने मर्चेंट बैंकर नियुक्त करने की योजना भी बताई है।
निवेशकों की नजर आगे की प्रक्रिया पर
NSE IPO को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि NSE की लिस्टिंग भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना होगी हालांकि IPO के बाद शेयरों की ट्रेडिंग किस प्लेटफॉर्म पर होगी और क्या NSE को अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग की अनुमति मिलेगी, इस पर अंतिम फैसला नियामकीय नियमों के आधार पर होगा।
Tags: