नई दिल्ली। केंद्र सरकार खाना पकाने के लिए एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) के विकल्प के तौर पर इथेनॉल आधारित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है। सरकार का उद्देश्य अतिरिक्त बायोफ्यूल का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के साथ-साथ खाना पकाने के लिए स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन विकल्प उपलब्ध कराना है। तेल मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सदन को बताया कि तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने इथेनॉल आधारित खाना पकाने के स्वच्छ विकल्पों के विकास की दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह के विकल्प देश में उपलब्ध अतिरिक्त बायोफ्यूल के उपयोग को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
मंत्री के मुताबिक, यह पहल खाना पकाने के लिए स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को बढ़ावा देने के सरकार के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।
LPG और PNG के विकल्प पर फोकस
भारत में घरेलू खाना पकाने के लिए LPG का व्यापक इस्तेमाल होता है, जबकि कई शहरी क्षेत्रों में PNG भी एक प्रमुख विकल्प है। ऐसे में सरकार अब इथेनॉल आधारित ईंधन की संभावनाओं पर काम कर रही है।
इथेनॉल मुख्य रूप से जैविक स्रोतों से तैयार किया जाता है और भारत में इसका इस्तेमाल पेट्रोल में मिश्रण के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। सरकार की ओर से इथेनॉल उत्पादन और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के बीच अब इसके दूसरे इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
खाना पकाने के क्षेत्र में इथेनॉल आधारित ईंधन को विकसित करने का प्रयास इसी दिशा में एक नया कदम माना जा रहा है।
तेल कंपनियों ने शुरू किए विकास प्रयास
सरकार के अनुसार, तेल मार्केटिंग कंपनियां और अन्य संबंधित एजेंसियां इथेनॉल आधारित कुकिंग फ्यूल के स्वच्छ विकल्प विकसित करने के लिए काम कर रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ऐसा ईंधन और उपकरण विकसित करना है, जिनका घरेलू खाना पकाने में सुरक्षित और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
इसके लिए केवल ईंधन का विकास ही पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ ऐसे उपकरणों की जरूरत होगी जो इथेनॉल आधारित ईंधन के अनुकूल हों और घरेलू उपयोग के दौरान सुरक्षा मानकों को पूरा करें।
इसी वजह से इथेनॉल कुकिंग फ्यूल के विकास में उपकरणों की टेस्टिंग, गुणवत्ता जांच और प्रमाणन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
LERC कर रहा महत्वपूर्ण शोध
बेंगलुरु स्थित LPG Equipment Research Centre यानी LERC भी इथेनॉल आधारित खाना पकाने के ईंधन के विकास से जुड़े शोध में शामिल है। LERC इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन का संयुक्त उपक्रम है।
LERC की जिम्मेदारी तेल मार्केटिंग कंपनियों के नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले LPG उपकरणों और एक्सेसरीज की टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और क्वालिटी एश्योरेंस से जुड़ी है। अब इथेनॉल आधारित कुकिंग फ्यूल की संभावनाओं पर शोध के जरिए संस्था नए ईंधन के अनुरूप उपकरणों और तकनीकी मानकों को विकसित करने में योगदान दे रही है।
सुरक्षा और गुणवत्ता होगी अहम
घरेलू खाना पकाने के लिए किसी भी नए ईंधन को अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगा। LPG और PNG के लिए पहले से विकसित उपकरण और वितरण व्यवस्था मौजूद है। इसके मुकाबले इथेनॉल आधारित ईंधन के लिए अलग तरह के उपकरण और स्टोरेज व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए इथेनॉल आधारित कुकिंग फ्यूल के विकास के दौरान ईंधन की गुणवत्ता, उपकरणों की क्षमता, तापमान, स्टोरेज और उपयोग के दौरान सुरक्षा जैसे पहलुओं का परीक्षण किया जाना जरूरी होगा।
LERC की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से जुड़ी विशेषज्ञता इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अतिरिक्त बायोफ्यूल के इस्तेमाल की कोशिश
सरकार की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य अतिरिक्त बायोफ्यूल का बेहतर इस्तेमाल करना है। भारत में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने और पेट्रोल में इसके मिश्रण को प्रोत्साहित करने की नीति पर लंबे समय से काम किया जा रहा है।
इथेनॉल के लिए नए उपयोग तलाशने से इसकी मांग और उपयोग का दायरा बढ़ सकता है। यदि इसे खाना पकाने के लिए व्यावहारिक और सुरक्षित विकल्प के रूप में विकसित किया जाता है, तो इससे बायोफ्यूल के इस्तेमाल की दिशा में एक नया बाजार तैयार हो सकता है।
हालांकि, इसे बड़े पैमाने पर घरेलू ईंधन के रूप में अपनाने से पहले इसकी लागत, उपलब्धता, सुरक्षा और वितरण व्यवस्था जैसे मुद्दों का समाधान करना होगा।
स्वच्छ ईंधन के विकल्प बढ़ाने पर जोर
सरकार की ओर से इथेनॉल आधारित खाना पकाने के विकल्प विकसित करने की पहल को स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने की व्यापक नीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। खाना पकाने के क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता घरेलू स्तर पर प्रदूषण कम करने में मदद कर सकती है।
मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि इथेनॉल आधारित कुकिंग फ्यूल पर किए जा रहे विकास प्रयास सरकार के स्वच्छ और वैकल्पिक खाना पकाने के ईंधन को बढ़ावा देने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप हैं।
अभी विकास के चरण में पहल
फिलहाल इथेनॉल आधारित खाना पकाने के ईंधन की पहल विकास और शोध के चरण में है। सरकार ने अभी इसे LPG या PNG के तत्काल विकल्प के रूप में लागू करने की घोषणा नहीं की है। तेल कंपनियों और संबंधित संस्थाओं द्वारा तकनीकी संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
आने वाले समय में इस शोध के परिणामों के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि इथेनॉल आधारित खाना पकाने का ईंधन घरेलू उपयोग के लिए कितना व्यावहारिक और सुरक्षित है।
यदि तकनीकी और आर्थिक स्तर पर यह विकल्प सफल साबित होता है, तो भारत के ऊर्जा क्षेत्र में इसका महत्व बढ़ सकता है। इससे एक ओर अतिरिक्त बायोफ्यूल का उपयोग बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर खाना पकाने के लिए LPG और PNG के अलावा एक नया विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है।
फिलहाल सरकार, तेल मार्केटिंग कंपनियां और LERC इथेनॉल आधारित कुकिंग फ्यूल के विकास और उससे जुड़े उपकरणों की तकनीकी जरूरतों पर काम कर रहे हैं। आने वाले चरण में इस पहल की व्यवहारिकता और सुरक्षा से जुड़े परिणाम इसके भविष्य की दिशा तय करेंगे।