Q1 FY27 में Paytm ने बनाया नया रिकॉर्ड, EBITDA और प्रॉफिट दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी

Paytm के Q1 FY27 नतीजे शानदार, AI-बेस्ड फिनटेक ग्रोथ से EBITDA रिकॉर्ड स्तर पर

Update: 2026-07-21 06:26 GMT
Mumbai: MSME और बड़े व्यवसायों को सेवा देने वाली भारत की प्रमुख मर्चेंट पेमेंट कंपनी, फाइनेंशियल सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और मोबाइल पेमेंट, QR कोड व साउंडबॉक्स की अग्रणी कंपनी Paytm (One 97 Communications Limited) ने सोमवार को जून 2026 (Q1 FY 2027) में समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए। कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक तिमाही EBITDA दर्ज किया, जो मर्चेंट और कंज्यूमर व्यवसायों में तेज़ी से हुई वृद्धि, EBITDA मार्जिन में विस्तार और AI-आधारित ऑपरेटिंग लेवरेज में तेज़ी के कारण संभव हुआ।
Q1 FY27 के दौरान, ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA सालाना आधार पर 182 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 203 करोड़ रुपये हो गया और EBITDA मार्जिन बढ़कर 8 प्रतिशत हो गया। कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, टैक्स के बाद मुनाफ़ा सालाना आधार पर 79 प्रतिशत बढ़कर 220 करोड़ रुपये हो गया।
तुलनात्मक आधार पर, पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) इंसेंटिव (जो दिसंबर 2025 तक लागू था) को छोड़कर, ऑपरेटिंग रेवेन्यू में सालाना 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि EBITDA मार्जिन में सालाना 7 प्रतिशत अंकों का विस्तार हुआ, जो मूल व्यवसाय की मज़बूती को दर्शाता है।
मर्चेंट GMV में सालाना 31 प्रतिशत की तेज़ी आई और यह 7.1 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसकी मुख्य वजह डिवाइस मर्चेंट के लिए प्रोडक्ट, डिस्ट्रीब्यूशन और सर्विस में निवेश और पिछले साल ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने के बाद ऑनलाइन मर्चेंट व्यवसाय में बढ़ती गति थी।
तुलनात्मक आधार पर नेट पेमेंट रेवेन्यू सालाना 25 प्रतिशत बढ़कर 601 करोड़ रुपये हो गया। इसे पेमेंट प्रोसेसिंग मार्जिन में संरचनात्मक सुधार (4 bps से ऊपर) और डिवाइस मर्चेंट की संख्या में लगातार वृद्धि (जो 1.57 करोड़ तक पहुंच गई) से समर्थन मिला।
फाइनेंशियल सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन से रेवेन्यू सालाना 45 प्रतिशत बढ़कर 814 करोड़ रुपये हो गया। इसकी वजह मर्चेंट लोन डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार वृद्धि के साथ-साथ कंज्यूमर लोन में तेज़ी और इक्विटी ब्रोकिंग व वेल्थ प्रोडक्ट्स से बेहतर कमाई थी। मर्चेंट लोन डिस्ट्रीब्यूशन व्यवसाय को कंपनी के बढ़ते मर्चेंट बेस, बेहतर पैठ, लेंडिंग पार्टनर्स की संख्या में वृद्धि और डिवाइस मर्चेंट के AI-आधारित लाइफसाइकिल मैनेजमेंट से फ़ायदा मिलता रहा। मर्चेंट लोन वितरण का आधे से अधिक हिस्सा उन लोगों को दिया गया जिन्होंने पहले भी लोन लिया था। कंपनी ने इक्विटी ब्रोकिंग, मार्जिन ट्रेड फंडिंग और वेल्थ प्रोडक्ट्स (जैसे Paytm Gold) से कमाई बढ़ाने का काम जारी रखा है। उम्मीद है कि AI-बेस्ड प्रोडक्ट्स से आगे और ग्रोथ होगी।
कंपनी का कहना है कि तेज़ी से बढ़ती रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA मार्जिन में बढ़ोतरी, साथ ही बड़ा मार्केट और AI की वजह से बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज, लंबे समय तक लगातार मुनाफ़ा बढ़ाने की बड़ी संभावना देते हैं।
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