नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने शेयरधारकों को 3,393.83 करोड़ रुपये का अंतिम लाभांश दिया है। इस भुगतान के साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का कुल लाभांश भुगतान बढ़कर 8,727 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।एनटीपीसी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक अंतिम लाभांश का भुगतान 23 सितंबर को किया गया। यह कंपनी की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 35 प्रतिशत है। इससे पहले कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान दो अंतरिम लाभांश का भुगतान भी किया था।कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में दो अंतरिम लाभांश दिए गए थे। दोनों मौकों पर 2,666.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस तरह दोनों अंतरिम लाभांश की कुल राशि 5,333.16 करोड़ रुपये रही। इसमें अब 3,393.83 करोड़ रुपये के अंतिम लाभांश को शामिल करने के बाद सालभर में शेयरधारकों को दिया गया कुल लाभांश लगभग 8,727 करोड़ रुपये हो गया है।
शेयरधारकों को लगातार लाभांश
एनटीपीसी ने कहा कि कंपनी लगातार 33वें वर्ष लाभांश का भुगतान कर रही है। यह सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी के लंबे समय से शेयरधारकों को लाभांश देने के रिकॉर्ड को दर्शाता है। लाभांश किसी कंपनी द्वारा अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों को वितरित करने का माध्यम होता है।कंपनी की ओर से घोषित अंतिम लाभांश का भुगतान पात्र शेयरधारकों को किया गया है। अंतिम लाभांश को कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई।एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनियों में शामिल है। कंपनी मुख्य रूप से ताप विद्युत उत्पादन से जुड़ी रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह अपने पोर्टफोलियो में सौर, पवन और दूसरी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
वित्त वर्ष में तीन बार लाभांश भुगतान
वित्त वर्ष 2025-26 में एनटीपीसी ने कुल तीन चरणों में शेयरधारकों को लाभांश दिया। पहला अंतरिम लाभांश नवंबर 2025 में और दूसरा फरवरी 2026 में दिया गया। इसके बाद अब सितंबर में अंतिम लाभांश का भुगतान किया गया है।दोनों अंतरिम लाभांश के रूप में कंपनी ने कुल 5,333.16 करोड़ रुपये दिए थे। अंतिम लाभांश के 3,393.83 करोड़ रुपये जोड़ने के बाद कुल राशि 8,726.99 करोड़ रुपये बैठती है, जिसे कंपनी ने करीब 8,727 करोड़ रुपये बताया है।अंतिम लाभांश का कंपनी की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के अनुपात में 35 प्रतिशत होना शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि निवेशकों के लिहाज से प्रतिशत लाभांश और शेयर पर मिलने वाले वास्तविक डिविडेंड को अलग-अलग समझना जरूरी होता है। कंपनियां आम तौर पर लाभांश प्रतिशत की गणना शेयर की फेस वैल्यू के आधार पर करती हैं, न कि शेयर बाजार में चल रही कीमत के आधार पर।
सरकार को भी मिलता है लाभांश का हिस्सा
एनटीपीसी एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है और इसमें केंद्र सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में कंपनी की ओर से किए जाने वाले लाभांश भुगतान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सरकार को भी उसकी हिस्सेदारी के अनुपात में प्राप्त होता है।सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से मिलने वाला लाभांश केंद्र सरकार की गैर-कर आय के स्रोतों में शामिल होता है। एनटीपीसी जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों का लाभांश भुगतान इसलिए केवल शेयरधारकों के लिहाज से ही नहीं बल्कि सरकारी राजस्व के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।कंपनी का लाभांश भुगतान उसके वित्तीय प्रदर्शन, नकदी की स्थिति, भविष्य की निवेश योजनाओं और शेयरधारकों को रिटर्न देने की नीति से जुड़ा होता है।
बिजली उत्पादन के साथ विस्तार पर जोर
एनटीपीसी भारत के बिजली क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी के पास देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी बिजली उत्पादन परियोजनाएं हैं। बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए कंपनी परंपरागत बिजली उत्पादन क्षमता के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर भी निवेश बढ़ा रही है।देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ने के कारण उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता बनी हुई है। औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू बिजली खपत में वृद्धि ने बिजली कंपनियों के लिए नई उत्पादन क्षमता विकसित करने की जरूरत बढ़ाई है।एनटीपीसी की रणनीति में कोयला आधारित परियोजनाओं के अलावा सौर और पवन ऊर्जा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है। कंपनी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण जैसे नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है डिविडेंड
शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए लाभांश कंपनी से मिलने वाले रिटर्न का एक हिस्सा होता है। निवेशकों को शेयर की कीमत में बढ़ोतरी या गिरावट से होने वाले लाभ-हानि के अलावा कंपनी की ओर से समय-समय पर लाभांश भी मिल सकता है।हालांकि किसी एक वर्ष में ज्यादा लाभांश भुगतान भविष्य में भी उसी स्तर का लाभांश मिलने की गारंटी नहीं देता। कंपनी का डिविडेंड उसके मुनाफे, नकदी प्रवाह, निवेश जरूरतों और निदेशक मंडल के फैसलों पर निर्भर करता है।एनटीपीसी के मामले में लगातार 33 वर्षों से लाभांश भुगतान कंपनी के लंबे डिविडेंड रिकॉर्ड को दिखाता है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 8,727 करोड़ रुपये का भुगतान इसी क्रम को आगे बढ़ाता है।
3,393.83 करोड़ रुपये का अंतिम भुगतान
कंपनी के मुताबिक 23 सितंबर को किया गया 3,393.83 करोड़ रुपये का अंतिम लाभांश भुगतान वित्त वर्ष 2025-26 की डिविडेंड प्रक्रिया का अंतिम चरण है। इससे पहले दो अंतरिम किस्तों के माध्यम से 5,333.16 करोड़ रुपये दिए जा चुके थे।इस तरह वित्त वर्ष के लिए कुल लाभांश भुगतान 8,726.99 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने इसे लगभग 8,727 करोड़ रुपये बताया है। एनटीपीसी के इस भुगतान से कंपनी के शेयरधारकों को वित्त वर्ष के दौरान तीन चरणों में लाभांश प्राप्त हुआ है।बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश के बीच कंपनी का बड़ा लाभांश भुगतान निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आने वाले समय में एनटीपीसी के वित्तीय प्रदर्शन के साथ उसके पूंजीगत निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और भविष्य की लाभांश नीति पर भी शेयर बाजार के निवेशकों की नजर रहेगी।