नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों करेंगे टाटा-एयरबस H125 प्लांट का उद्घाटन
टाटा-एयरबस H125 प्लांट का उद्घाटन
भारत के आत्मनिर्भर भारत मिशन के लिए एक अहम पल में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज देश की पहली प्राइवेट सेक्टर हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन (FAL) का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए, दोनों नेता कर्नाटक के वेमागल में इस फैसिलिटी को ऑफिशियली लॉन्च करेंगे। यह हाई-टेक प्लांट, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और एयरबस के बीच एक जॉइंट वेंचर है, जो भारत-फ्रांस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और मज़बूत बनाता है और घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक नए दौर का संकेत देता है।
1. अपनी तरह की पहली: यह भारत की पहली हेलीकॉप्टर असेंबली फैसिलिटी है जिसे पूरी तरह से प्राइवेट सेक्टर ने बनाया है, जिससे रोटरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में लंबे समय से चली आ रही मोनोपॉली खत्म हो जाएगी।
2. स्ट्रेटेजिक लोकेशन: यह फैसिलिटी कर्नाटक के वेमागल (बेंगलुरु के पास) में है, जो इस इलाके के मज़बूत एयरोस्पेस इकोसिस्टम और स्किल्ड वर्कफोर्स का फायदा उठाती है।
3. मॉडल: यह प्लांट एयरबस H125 बनाएगा, जो दुनिया का सबसे ज़्यादा बिकने वाला सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर है, जो अपनी वर्सेटिलिटी और मुश्किल हालात में परफॉर्मेंस के लिए मशहूर है।
4. टेकऑफ़ की टाइमलाइन: पहला "मेड इन इंडिया" H125 2027 की शुरुआत तक रोल आउट होने और कस्टमर्स तक डिलीवर होने की उम्मीद है।
5. हिमालय के लिए तैयारी: H125 अकेला ऐसा हेलीकॉप्टर है जो माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक उतरा है, जो इसे भारत के ऊंचे हिमालयी बॉर्डर और बर्फीले बॉर्डर इलाकों के लिए आइडियल चॉइस बनाता है।
6. मिलिट्री विस्तार: हालांकि फोकस सिविल पर है, लेकिन यह फैसिलिटी हल्के मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों के लिए इंडियन आर्म्ड फोर्सेस की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए हाई लेवल की स्वदेशी टेक्नोलॉजी के साथ एक मिलिट्री वर्शन—H125M—बनाने की योजना बना रही है।
7. कुल मैन्युफैक्चरिंग स्कोप: TASL डिलीवरी से पहले असेंबली, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम का इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और फाइनल फ्लाइट ट्रायल सहित पूरी लाइफसाइकल को संभालेगी।
8. एक्सपोर्ट की संभावना: घरेलू मांग को पूरा करने के अलावा, इस FAL में बने हेलीकॉप्टर दक्षिण एशियाई क्षेत्र के दूसरे देशों में एक्सपोर्ट किए जाएंगे।
9. बढ़ती पार्टनरशिप: यह दूसरी असेंबली लाइन है जिसे टाटा और एयरबस मिलकर बना रहे हैं, इससे पहले वडोदरा, गुजरात में C295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट फैसिलिटी बनाई गई थी।
10. आर्थिक असर: मैन्युफैक्चरिंग के अलावा, यह प्रोजेक्ट एक ऐसे रिश्ते को मजबूत करता है जहां एयरबस पहले से ही भारत से हर साल $1.4 बिलियन से ज़्यादा के कंपोनेंट और सर्विस लेता है, जिससे हजारों लोकल नौकरियां मिलती हैं।