मुंबई : भारतीय शेयर बाजार ने लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को शानदार वापसी की। अमेरिका और ईरान के बीच हमलों को स्थगित किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का सकारात्मक असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और तेल कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसके चलते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
सोमवार को कारोबार के अंत में बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,835.78 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी-50 भी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत चढ़कर 23,995.95 अंक पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी, क्योंकि इससे पहले लगातार पांच कारोबारी सत्रों में बाजार में गिरावट का दौर जारी था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है और कंपनियों की लागत में भी राहत मिल सकती है। इसी उम्मीद के चलते निवेशकों ने सोमवार को खरीदारी में रुचि दिखाई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी आने की खबरों ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया। पिछले कुछ दिनों से भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी। हालांकि, हमलों को स्थगित किए जाने की खबर के बाद निवेशकों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और जोखिम वाली संपत्तियों में निवेश बढ़ा।
सोमवार के कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऑटो और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। बाजार में खरीदारी का असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आगे बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।
इससे पहले लगातार गिरावट के कारण निवेशकों में चिंता का माहौल था। विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते घरेलू बाजार दबाव में था। सोमवार की तेजी ने बाजार में एक बार फिर सकारात्मक माहौल बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित स्तर पर बनी रहती हैं तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी सुधार जारी रह सकता है। हालांकि, निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन की तेजी ने बाजार में नई ऊर्जा का संचार किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने से निवेशकों को राहत मिली और भारतीय बाजार ने एक बार फिर मजबूती के संकेत दिए।