Zepto, Ola और Zomato जैसे प्लेटफॉर्म के वर्कर्स के लिए ई-श्रम पोर्टल में बड़ा अपडेट
प्लेटफॉर्म के वर्कर्स के लिए ई-श्रम पोर्टल में बड़ा अपडेट
केंद्रीय श्रम और रोज़गार मंत्रालय ने डिजिटल एग्रीगेटर्स को निर्देश दिया है कि वे 21 जून तक गिग और प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर करें। ज़ोमैटो, ब्लिंकिट, स्विगी, उबर, ओला, रैपिडो, अमेज़न, ज़ेप्टो, अर्बन कंपनी और पोर्टर जैसे बड़े प्लेटफ़ॉर्म पहले ही इस सिस्टम से जुड़ चुके हैं। बाकी एग्रीगेटर्स को भी ऐसा करने के लिए समय-सीमा दी गई है।
नया ई-श्रम पोर्टल क्या है?
ई-श्रम सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स के लिए बनाया गया एक नेशनल डिजिटल रजिस्टर है। यह डिलीवरी पार्टनर्स, ड्राइवर्स, फ्रीलांसर्स और प्लेटफ़ॉर्म पर काम करने वाले दूसरे वर्कर्स का रिकॉर्ड रखता है और हर रजिस्टर्ड वर्कर को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर देता है। यह डेटाबेस अधिकारियों को उन वर्कर्स के लिए कल्याणकारी योजनाएं बेहतर ढंग से बनाने और उन तक पहुंचाने में मदद करने के लिए बनाया गया है, जिन्हें पहले कभी औपचारिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज नहीं मिला।
गिग प्लेटफ़ॉर्म्स को रजिस्टर करने के लिए क्यों कहा जा रहा है?
यह निर्देश 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020' को लागू करने से जुड़ा है। यह कानून गिग और प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स को औपचारिक रूप से मान्यता देता है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने के लिए एक ढांचा तैयार करता है। API के ज़रिए अपने सिस्टम को जोड़कर, प्लेटफ़ॉर्म्स को वर्कर्स की जानकारी एक व्यवस्थित तरीके से पोर्टल के साथ शेयर करनी होती है।