Major changes in GST :  जीएसटी लागू होने के नौ साल बाद सरकार का ध्यान अब करदाताओं का दायरा बढ़ाने और नकद कर संग्रह में इजाफा करने पर केंद्रित है। इसके लिए केंद्र और राज्यों के जीएसटी अधिकारियों को काम करने के तरीके में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि कर चोरी पकड़ने के लिए पुरानी सख्ती के बजाय आधुनिक डेटा एनालिसिस और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करें। इस पहल में कर संग्रह बढ़ाने के साथ उन मामलों की पहचान पर जोर है, जहां कर अनुपालन में गड़बड़ी की जानकारी सामने आती है।
सरकार के इस रुख में दो प्रमुख लक्ष्य हैं। पहला, जीएसटी के तहत करदाताओं का दायरा बढ़ाना और दूसरा, नकद कर संग्रह में वृद्धि करना। दोनों लक्ष्यों के लिए अधिकारियों को उपलब्ध जानकारी का बेहतर इस्तेमाल करने को कहा गया है। केवल पारंपरिक तरीके से काम करने के बजाय आंकड़ों के विश्लेषण और सूचनाओं के आधार पर कर चोरी के मामलों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जाएगा। केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों के जीएसटी अधिकारियों को दिए गए निर्देश इसी दिशा में हैं।
टैक्सपेयर्स का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य कर व्यवस्था में अधिक करदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। सरकार का ध्यान केवल मौजूदा करदाताओं से होने वाले संग्रह पर नहीं, बल्कि करदाताओं के आधार के विस्तार पर भी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इसके लिए कोई निश्चित संख्या या समयसीमा नहीं बताई गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन क्षेत्रों या कारोबारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल निर्देशों में करदाताओं का दायरा बढ़ाने को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।
नकद कर संग्रह में इजाफा इस पहल का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष है। यहां नकद संग्रह से आशय कर के उस भुगतान से है जो नकद भुगतान वाले हिस्से में दर्ज होता है; इसे कारोबार में नोटों से होने वाले लेनदेन की निगरानी के समान नहीं समझना चाहिए। सरकार का जोर इस संग्रह को बढ़ाने पर है। हालांकि, इसके लिए किसी निश्चित राशि का लक्ष्य उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है। इसलिए संग्रह में कितने प्रतिशत या कितने करोड़ रुपये की वृद्धि अपेक्षित है, इसका दावा नहीं किया जा सकता।
कर चोरी की पहचान के लिए आधुनिक डेटा एनालिसिस को महत्व देने का निर्देश अधिकारियों के कामकाज से जुड़ा है। डेटा एनालिसिस का अर्थ उपलब्ध आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से परखना और उनमें सामने आने वाले संकेतों को समझना है। इस तरीके में जानकारी को कार्रवाई का आधार बनाने पर जोर रहता है। सरकार ने जीएसटी अधिकारियों को इसी क्षमता का इस्तेमाल करने को कहा है। हालांकि, कौन से विशेष आंकड़े, सॉफ्टवेयर या तकनीकी प्रणाली इस्तेमाल की जाएगी, इसका विवरण दिए गए निर्देशों में सामने नहीं आया है।
डेटा के साथ खुफिया जानकारी के इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया गया है। अधिकारियों को कर चोरी से संबंधित सूचनाओं का उपयोग करने के लिए कहा गया है, ताकि संदिग्ध मामलों की पहचान में मदद मिले। आंकड़ों का विश्लेषण और खुफिया सूचना, दोनों को कामकाज का महत्वपूर्ण आधार बनाने का संदेश दिया गया है। इससे संबंधित निर्देश केंद्र और राज्य के अधिकारियों को मिले हैं। किसी विशेष मामले, कारोबारी समूह या जांच अभियान का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
पुरानी सख्ती के बजाय आधुनिक तरीकों पर जोर देने की बात को कर चोरी के प्रति नरमी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। निर्देशों का उद्देश्य कर चोरी पकड़ने के तरीके में बदलाव है। अधिकारियों को जानकारी और विश्लेषण का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इस विवरण में जांच बंद करने, कार्रवाई रोकने या कर चोरी के मामलों को छोड़ने की बात नहीं कही गई है। इसलिए बदलाव का केंद्र अधिकारियों की कार्यप्रणाली है, जबकि कर संग्रह और करदाताओं का दायरा बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य बने हुए हैं।
केंद्र और राज्यों के जीएसटी अधिकारियों को समान दिशा में निर्देश दिए जाने से इस पहल का दायरा दोनों स्तरों के प्रशासन तक जाता है। करदाताओं की संख्या बढ़ाने और नकद संग्रह में वृद्धि के लक्ष्य पर दोनों को काम करना है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में जिम्मेदारियों का अलग-अलग बंटवारा नहीं बताया गया है। किसी राज्य के लिए अलग संग्रह लक्ष्य या किसी क्षेत्र के लिए विशेष अभियान की जानकारी भी नहीं दी गई है। सामने आया संदेश पूरे कामकाज में आंकड़ों और सूचना को अधिक महत्व देने का है।
इस पहल को नई टैक्स दर, अतिरिक्त कर या किसी खास तारीख से लागू होने वाले नए नियम के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। दिए गए विवरण में दरों में बदलाव का उल्लेख नहीं है। करदाताओं के लिए कोई नई भुगतान प्रक्रिया या रिटर्न संबंधी शर्त भी नहीं बताई गई है। खबर का मुख्य विषय जीएसटी प्रशासन की प्राथमिकताओं और कर चोरी पकड़ने के तरीके से जुड़ा है। किसी अतिरिक्त प्रावधान का दावा करने के लिए अलग और पुष्ट जानकारी आवश्यक होगी।
जीएसटी के नौ वर्ष पूरे होने के बाद सरकार अब करदाताओं के व्यापक आधार और नकद कर संग्रह में वृद्धि पर जोर दे रही है। अधिकारियों को आधुनिक डेटा एनालिसिस और खुफिया जानकारी के इस्तेमाल का निर्देश इसी लक्ष्य से जोड़ा गया है। आगे इस दिशा में होने वाले काम का आकलन करदाताओं के दायरे, कर संग्रह और पहचाने गए मामलों के आंकड़ों से हो सकेगा। फिलहाल स्पष्ट निर्देश यही है कि कर चोरी पकड़ने में जानकारी, विश्लेषण और आधुनिक कार्यप्रणाली को अधिक महत्व दिया जाए।
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