SIM कार्ड को लेकर बड़ा बदलाव DoT ने कसा शिकंजा रियल टाइम होगी जांच
फर्जी सिम पर लगेगी लगाम नवंबर 2026 से शुरू
नई दिल्ली: देशभर में मोबाइल SIM कार्ड को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कनेक्शन की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकेगा। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा 6 कनेक्शन निर्धारित है। सरकार ने यह कदम फर्जी SIM कार्ड, साइबर अपराध और मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से उठाया है। दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे ग्राहकों की पहचान करें, जिनके नाम पर पहले से तय सीमा तक SIM सक्रिय हैं और उन्हें अतिरिक्त कनेक्शन जारी न करें।
अब ज्यादा SIM लेने पर लगेगी रोक
नए नियमों के तहत यदि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन हैं, तो वह नया SIM कार्ड नहीं ले सकेगा। टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों के मौजूदा कनेक्शन की जांच करने के बाद ही नया नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती चरण में कंपनियां जांच के बाद अतिरिक्त कनेक्शन को निलंबित कर सकती हैं। यदि कोई नंबर तय सीमा से अधिक पाया जाता है तो उसे नियमों के अनुसार तुरंत रोका जा सकता है।
नवंबर 2026 तक होगी रियल-टाइम जांच
DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया है। इसके बाद SIM जारी करने से पहले ही सिस्टम यह जांच करेगा कि ग्राहक के नाम पर कितने मोबाइल नंबर पहले से सक्रिय हैं। इस व्यवस्था से फर्जी दस्तावेजों के जरिए SIM लेने और उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी या अन्य अवैध गतिविधियों में करने पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Digital Intelligence Platform से होगी निगरानी
DoT ने इस प्रक्रिया के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल शुरू किया है। इसके जरिए अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों में एक ही व्यक्ति के नाम पर मौजूद मोबाइल कनेक्शन की पहचान की जाएगी। जिन ग्राहकों के पास अधिकतम सीमा तक SIM हैं, उनकी पहचान के लिए टेलीकॉम ऑपरेटरों को DIP से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
आम मोबाइल यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
ज्यादातर सामान्य मोबाइल ग्राहकों पर इस नियम का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि आमतौर पर एक व्यक्ति के पास एक या दो SIM ही होते हैं। लेकिन जिन लोगों के नाम पर कई नंबर चल रहे हैं, उन्हें अपने कनेक्शनों की जांच करनी पड़ सकती है। DoT ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल नंबरों की जानकारी रखें और किसी अनजान SIM के सक्रिय होने की स्थिति में उसे बंद करवाएं।
साइबर फ्रॉड रोकने की कोशिश
सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में फर्जी मोबाइल कनेक्शन साइबर अपराधियों के लिए मददगार साबित होते हैं। नए नियमों से SIM कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में रियल-टाइम जांच प्रणाली लागू होने के बाद नया SIM लेना पहले से अधिक नियंत्रित प्रक्रिया बन जाएगी।