Business बिजनेस: लंदन हाई कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया के सिविल रिकवरी केस में बैंक के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने नीरव मोदी को व्यक्तिगत रूप से 10.7 मिलियन डॉलर (100 करोड़ रुपये से अधिक) की राशि चुकाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
यह फैसला मंगलवार को लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट में जज साइमन टिंकलर द्वारा सुनाया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उनकी एक कंपनी को दिए गए लोन के संदर्भ में व्यक्तिगत गारंटी पर हस्ताक्षर किए थे, और इसी आधार पर वे कानूनी रूप से भुगतान के लिए उत्तरदायी हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल कंपनी के लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत गारंटी के कारण नीरव मोदी सीधे तौर पर वित्तीय जिम्मेदारी के दायरे में आते हैं। इसी कारण अदालत ने बैंक के दावे को सही माना और रिकवरी के पक्ष में फैसला दिया।
जज साइमन टिंकलर ने अपने आदेश में कहा कि नीरव मोदी 4.1 मिलियन डॉलर की बकाया मूल राशि के साथ-साथ बैंक द्वारा गणना किए गए अतिरिक्त ब्याज के लिए भी जिम्मेदार हैं। अदालत ने माना कि बैंक की दलीलें और दस्तावेज इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।
इस फैसले को बैंक ऑफ इंडिया के लिए एक बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से चल रहा था और इसमें करोड़ों रुपये की रिकवरी का मुद्दा शामिल था। अदालत के निर्णय के बाद बैंक को अपनी बकाया राशि वसूलने का कानूनी आधार मिल गया है।
नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं और वर्तमान में भारत में प्रत्यर्पण प्रक्रिया का भी सामना कर रहे हैं। उन पर पहले से ही कई वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
लंदन हाई कोर्ट के इस फैसले से उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों में एक और बड़ा झटका लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे वित्तीय विवादों में भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नीरव मोदी इस फैसले के खिलाफ कोई अपील करेंगे या नहीं, लेकिन अदालत के आदेश के बाद बैंक ऑफ इंडिया के लिए वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
कुल मिलाकर, इस फैसले ने एक बार फिर नीरव मोदी के वित्तीय मामलों को सुर्खियों में ला दिया है और बैंक ऑफ इंडिया को कानूनी राहत प्रदान की है।