Business व्यापार : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर बड़ा एक्शन, 22 रद्द, 6 स्थगित और 17 परीक्षाओं की CID जांच के आदेश

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित करने और 17 पुरानी परीक्षाओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों पर सीधा असर पड़ने वाला है।

सरकार का यह कदम झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बाद आया है। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। कई परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता और प्रक्रिया में खामियों के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद सरकार ने मामले की समीक्षा शुरू की थी।

22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का फैसला

राज्य सरकार ने जांच और समीक्षा के बाद 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इन परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को अब दोबारा भर्ती प्रक्रिया का इंतजार करना होगा। सरकार की ओर से कहा गया है कि जिन परीक्षाओं में नियमों का उल्लंघन या गंभीर अनियमितता पाई गई है, उन्हें जारी रखना उचित नहीं होगा।

इन परीक्षाओं में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए थे और कई अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों तक पहुंच चुके थे। परीक्षा रद्द होने के बाद उम्मीदवारों में निराशा है, हालांकि सरकार ने साफ किया है कि भविष्य में पारदर्शी तरीके से नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

6 परीक्षाओं पर लगी रोक

इसके अलावा सरकार ने 6 भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। इन परीक्षाओं को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। संबंधित विभागों और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का कहना है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिलती है तो इन परीक्षाओं को नए दिशा-निर्देशों के साथ दोबारा आयोजित किया जा सकता है।

17 परीक्षाओं की CID जांच

सरकार ने 17 पुरानी भर्ती परीक्षाओं की जांच CID को सौंपने का फैसला किया है। जांच एजेंसी इन परीक्षाओं में हुई संभावित गड़बड़ियों, पेपर लीक, चयन प्रक्रिया में अनियमितता और अन्य आरोपों की जांच करेगी।

CID जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

JSSC-CGL परीक्षा पर भी बड़ा फैसला

झारखंड में सबसे ज्यादा चर्चा JSSC-CGL परीक्षा को लेकर रही है। इस परीक्षा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आंदोलन भी किया था।

सरकार ने JSSC-CGL सहित अन्य विवादित परीक्षाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों और अभ्यर्थियों की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने कार्रवाई का फैसला लिया है।

अभ्यर्थियों पर पड़ेगा सीधा असर

इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन युवाओं पर पड़ेगा जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। कई अभ्यर्थियों ने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षाओं में हिस्सा लिया था। कुछ उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे थे, जबकि कुछ नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे थे।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। वहीं सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है, ताकि आगे होने वाली भर्तियां पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हों।

सरकार ने दिया निष्पक्ष भर्ती का भरोसा

राज्य सरकार ने कहा है कि सरकारी नौकरियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में भर्ती परीक्षाओं के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा सकती है, जिससे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोका जा सके।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लिया गया यह फैसला राज्य की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर CID जांच की रिपोर्ट और सरकार के अगले फैसलों पर रहेगी।

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