World वर्ल्ड: जापान गैस संघ ने 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य की दिशा में बदलाव किया है। अब संघ का कहना है कि वह गैस आपूर्ति का 50% से 90% हिस्सा e-मीथेन या बायोगैस से पूरा करेगा, जबकि 10% से 50% हिस्सा पारंपरिक प्राकृतिक गैस से लिया जाएगा, जिसमें कार्बन कैप्चर जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
पहले, 2021 में संघ ने 90% e-मीथेन, 5% बायोगैस और 5% हाइड्रोजन के उपयोग का लक्ष्य रखा था। लेकिन वैश्विक ऊर्जा संकट और तकनीकी बदलावों को देखते हुए अब नीति में संशोधन किया गया है।
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य कार्बन न्यूट्रलिटी हासिल करना है, न कि e-मीथेन की हिस्सेदारी को घटाना। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि यूरोप ने भी अब बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन अपनाने में आने वाली चुनौतियों को पहचाना है और प्राकृतिक गैस के साथ कार्बन कैप्चर तकनीकों की ओर बढ़ रहा है।