बिजनेस : आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के शेयरों में पिछले तीन कारोबारी दिनों के दौरान जोरदार तेजी देखने को मिली है। इस अवधि में कंपनी का शेयर करीब 11 प्रतिशत तक चढ़ गया, जिससे एक बार फिर निवेशकों का ध्यान भारतीय आईटी कंपनियों की ओर आकर्षित हुआ है। बुधवार को इन्फोसिस का शेयर लगभग 5 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,157.40 रुपये तक पहुंच गया। इस तेजी ने बाजार में यह चर्चा तेज कर दी है कि आखिर इस उछाल के पीछे क्या वजह है और क्या आने वाले समय में भी आईटी सेक्टर में तेजी जारी रह सकती है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब निवेशक केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी महंगी टेक कंपनियों पर दांव लगाने के बजाय उन कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं, जो AI को अपनाने और लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी बदलाव का फायदा भारतीय आईटी कंपनियों, खासकर इन्फोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों को मिल रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल के कारण उनके वैल्यूएशन काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे। इसके साथ ही इन कंपनियों में भारी पूंजी निवेश (कैपेक्स) की आवश्यकता भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई। ऐसे में निवेशकों ने अब उन कंपनियों पर भरोसा जताना शुरू किया है, जो बिना बड़े पूंजीगत खर्च के AI आधारित सेवाएं और समाधान उपलब्ध करा सकती हैं। भारतीय आईटी कंपनियां इसी श्रेणी में आती हैं और इसलिए इनमें खरीदारी बढ़ रही है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इन्फोसिस के शेयरों में आई तेजी केवल AI थीम का परिणाम नहीं है। इसके पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण वैल्यू बाइंग है। पिछले कई महीनों से आईटी सेक्टर दबाव में था और निफ्टी आईटी इंडेक्स अपने उच्चतम स्तर से करीब 35 से 40 प्रतिशत तक टूट चुका था। इस गिरावट के बाद कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हो गए थे। जैसे ही बाजार का भरोसा लौटा, संस्थागत निवेशकों ने इन शेयरों में दोबारा खरीदारी शुरू कर दी।
बाजार में यह भी देखा गया कि कई ट्रेडर्स ने पहले आईटी शेयरों में शॉर्ट पोजिशन बना रखी थी। जैसे ही शेयरों में तेजी शुरू हुई, उन्हें अपनी शॉर्ट पोजिशन कवर करनी पड़ी, जिससे खरीदारी का दबाव और बढ़ गया। इस कारण इन्फोसिस सहित कई प्रमुख आईटी शेयरों में तेजी और मजबूत हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और अमेरिकी बाजारों में आईटी सेवाओं की मांग बनी रहती है, तो भारतीय आईटी कंपनियों को इसका लाभ मिल सकता है। इन्फोसिस जैसी कंपनियां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी और AI आधारित सॉफ्टवेयर समाधान के क्षेत्र में लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं, जिससे उनकी दीर्घकालिक संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।
हालांकि, निवेशकों को केवल हालिया तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर बुक, वैश्विक मांग और भविष्य के मार्गदर्शन का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना जरूरी है। अल्पकालिक तेजी के बाद शेयरों में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है, इसलिए चरणबद्ध निवेश की रणनीति अधिक सुरक्षित मानी जाती है।
कुल मिलाकर, इन्फोसिस के शेयरों में आई हालिया तेजी यह संकेत देती है कि भारतीय आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है। यदि वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार जारी रहता है और AI आधारित सेवाओं की मांग बढ़ती है, तो आने वाले समय में इस सेक्टर के लिए और भी सकारात्मक अवसर बन सकते हैं।