New Delhi नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में हाल के समय में तेजी से बढ़ती कीमतों को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सतर्कता जताई है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इन शेयरों की असामान्य तेजी भविष्य में वित्तीय स्थिरता के लिए संभावित जोखिम पैदा कर सकती है।RBI के अनुसार, वैश्विक और घरेलू बाजारों में AI सेक्टर से जुड़े शेयरों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो कई बार वास्तविक आर्थिक आधार से अधिक प्रतीत होती है। इस स्थिति में यदि इन शेयरों में अचानक गिरावट आती है तो इसका असर व्यापक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि ऐसे किसी भी बड़े करेक्शन या गिरावट का प्रभाव केवल निवेशकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर समग्र बाजार भावना और पूंजी प्रवाह पर भी पड़ सकता है। इससे इक्विटी मार्केट में अस्थिरता की स्थिति बन सकती है।हालांकि, RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली फिलहाल मजबूत स्थिति में है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, देश की बैंकिंग व्यवस्था में पर्याप्त पूंजी, बेहतर नियमन और जोखिम प्रबंधन प्रणाली मौजूद है, जिससे वह किसी भी गंभीर आर्थिक झटके का सामना करने में सक्षम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि यह भविष्य की तकनीक माना जा रहा है। लेकिन किसी भी नए और तेजी से बढ़ते सेक्टर में उतार-चढ़ाव की संभावना भी अधिक रहती है। इसी कारण RBI ने निवेशकों और बाजार प्रतिभागियों को सतर्क रहने का संकेत दिया है।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर भी AI आधारित कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जिससे कई बार “ओवरवैल्यूएशन” की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में यदि निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता है, तो तेजी से बिकवाली का दबाव बन सकता है।
RBI की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दुनिया भर के शेयर बाजार तकनीकी कंपनियों और खासकर AI से जुड़े स्टॉक्स पर काफी निर्भर होते जा रहे हैं। भारत में भी निवेशक इस सेक्टर की ओर आकर्षित हो रहे हैं।कुल मिलाकर, RBI ने जहां एक ओर AI शेयरों की तेजी को संभावित जोखिम के रूप में चिन्हित किया है, वहीं दूसरी ओर यह भरोसा भी दिलाया है कि भारतीय वित्तीय प्रणाली किसी भी बड़े आर्थिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए तैयार है।