7% इंक्रीमेंट से दोगुनी होगी बेसिक सैलरी! कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें

Update: 2026-08-03 11:29 GMT

नई दिल्ली :  8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वेतन आयोग के गठन और सिफारिशों को लेकर कर्मचारी संगठन सरकार के सामने लगातार अपनी मांगें रख रहे हैं। इसी बीच कर्मचारी संगठनों की ओर से एक ऐसा सुझाव सामने आया है, जिससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की रफ्तार तेज हो सकती है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया जाए और महंगाई भत्ता (DA) 25 प्रतिशत तक पहुंचने पर उसे बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाए, तो लेवल-1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कुछ ही वर्षों में काफी तेजी से बढ़ सकती है। संगठनों का दावा है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी करीब 7 साल में दोगुनी तक हो सकती है।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 कर्मचारी की शुरुआती बेसिक सैलरी 18,000 रुपये निर्धारित है। इसमें हर साल 3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि होती है। इसी गणना के आधार पर 10 साल बाद कर्मचारी की बेसिक सैलरी लगभग 23,486 रुपये तक पहुंचती है। यानी एक दशक में बेसिक वेतन में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।

हालांकि, कर्मचारियों को केवल बेसिक सैलरी ही नहीं मिलती, बल्कि इसके साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं। महंगाई बढ़ने के साथ सरकार समय-समय पर DA में संशोधन करती रहती है, जिससे कर्मचारियों की कुल आय में बदलाव आता है।

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि मौजूदा वेतन वृद्धि की दर महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुकाबले कम है। इसलिए 8वें वेतन आयोग में वेतन वृद्धि की प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार के सामने 6 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग रखी है। इसके अलावा संगठन ने विभिन्न भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग की है।

वहीं, ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF), नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्प्लॉइज (NFPE) समेत कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब महंगाई भत्ता 25 प्रतिशत या 50 प्रतिशत तक पहुंच जाए तो उसे बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों का मानना है कि इससे उनकी वास्तविक आय में सुधार होगा और भविष्य में मिलने वाले लाभ भी बढ़ेंगे।

कर्मचारी संगठनों के अनुसार, DA को बेसिक वेतन में शामिल करने की व्यवस्था पहले भी अपनाई जा चुकी है। महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ उसे बेसिक पे में जोड़ने से कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

अगर 8वें वेतन आयोग में वार्षिक इंक्रीमेंट को 7 प्रतिशत करने और DA मर्जर जैसे सुझावों को स्वीकार किया जाता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा शुरुआती वेतन स्तर वाले कर्मचारियों को मिल सकता है। खासतौर पर लेवल-1 से लेवल-5 तक के कर्मचारियों की आय में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इन सुझावों पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वेतन आयोग की सिफारिशें आने और सरकार द्वारा उन्हें लागू करने के बाद ही कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी में बदलाव स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग से जुड़ी घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि नए वेतन ढांचे में उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले कदम उठाए जाएंगे।

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