नई दिल्ली: बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी आई। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने, ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते इन कीमती धातुओं की कीमतों में 3 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया।
घरेलू बाजार में, सुबह 11:10 बजे तक 24 कैरेट सोने की कीमत 1.4 प्रतिशत बढ़कर 1,41,980 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं, 999 फाइन चांदी की कीमत 4,520 रुपये प्रति किलोग्राम (2.5 प्रतिशत की वृद्धि) बढ़कर 1,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर के लिए सोने का वायदा भाव 1.76 प्रतिशत बढ़कर 1,41,911 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी का वायदा भाव 3.09 प्रतिशत बढ़कर 1,85,249 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
पिछले सत्र में आई भारी गिरावट के बाद कीमती धातुओं की कीमतों में सुधार हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे यह उम्मीद जगी है कि केंद्रीय बैंकों के पास अपनी मौद्रिक नीति में बदलाव करने की अधिक गुंजाइश हो सकती है। सोना एक ऐसा एसेट है जिस पर कोई निश्चित रिटर्न (यील्ड) नहीं मिलता, इसलिए आमतौर पर यील्ड कम होने और डॉलर के कमजोर होने पर इसे फायदा होता है।
निवेशकों की नजर अमेरिका में राजनीतिक घटनाक्रमों, लेबर मार्केट के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की नीतिगत संकेतों पर टिकी है। CME के ​​'फेडवॉच' टूल के अनुसार, ट्रेडर्स को फिलहाल दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 78 प्रतिशत संभावना दिख रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, COMEX पर सोने का वायदा भाव 0.58 प्रतिशत बढ़कर 3,963.20 डॉलर प्रति औंस हो गया। वहीं, चांदी का वायदा भाव 0.48 प्रतिशत बढ़कर 49.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 49.825 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था।
रूस, 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में यूक्रेन और अमेरिका के साथ तीन-पक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमत हो गया है। दूसरी ओर, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे 'सुरक्षित निवेश' (सेफ हेवन) के रूप में सोने की मांग बढ़ गई है।
COMEX पर सोने की कीमत को 3,970 से 4,000 डॉलर के दायरे में रुकावट (रेजिस्टेंस) का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 3,900 डॉलर के आसपास इसे तत्काल सपोर्ट मिल रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, MCX गोल्ड के लिए 1,41,000 रुपये के आसपास रेजिस्टेंस है, जिसके बाद 1,43,000 रुपये से 1,43,700 रुपये का स्तर आता है, जबकि 1,40,000 रुपये एक अहम सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 29 प्रतिशत घटकर 162.5 टन रह गई। इसकी वजह यह रही कि सोने की रिकॉर्ड-तोड़ कीमतें, आयात शुल्क (import duty) में बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं की खरीदारी के बदलते तरीकों ने आभूषणों की खरीद और निवेश की मांग पर नकारात्मक असर डाला।
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