Gold Silver Price Today, 4 November 2026: धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कुछ दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद सोना और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी आई है। हालांकि, कीमतें अभी भी काफी ऊंची हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या धनतेरस से पहले खरीदारी का यही सही समय है या ग्राहकों को कुछ दिन और इंतजार करना चाहिए?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 3 नवंबर की शाम को 24 कैरेट सोने का भाव 1,37,576 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,26,020 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, चांदी की कीमत 1,76,425 रुपये प्रति किलोग्राम रही। ये दरें जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं।
सोना-चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट?
IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 29 अक्टूबर की शाम को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,255 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसकी तुलना में 3 नवंबर को सोना 4,679 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। इसी अवधि में चांदी का भाव 1,90,478 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 1,76,425 रुपये पर आ गया। यानी चांदी की कीमत में 14,053 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
IBJA बेंचमार्क भाव | 3 नवंबर 2026, शाम
24 कैरेट सोना / 10 ग्राम
₹1,37,576
29 अक्टूबर से ₹4,679 कम
चांदी / 1 किलोग्राम
₹1,76,425
29 अक्टूबर से ₹14,053 कम
स्रोत: इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन। इन भावों में जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।
4 नवंबर की सुबह क्या रहे बाजार के भाव?
बुधवार, 4 नवंबर की सुबह बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एनडीटीवी प्रॉफिट की सुबह की रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने का घरेलू संकेतक भाव लगभग 1,39,890 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 1,80,800 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई।
अलग-अलग बाजारों में भाव निर्धारित करने की पद्धति, समय और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार में ताजा दर जरूर पता करनी चाहिए।
धनतेरस से पहले क्यों घट रहे सोने के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का सीधा प्रभाव पड़ता है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियां कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करती हैं। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इन परिस्थितियों के कारण निवेशक सोने और चांदी में सावधानी के साथ कारोबार कर रहे हैं। विशेषज्ञों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति पर भी बनी हुई है। ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद सोने की निवेश मांग को प्रभावित कर सकती है।
क्या धनतेरस पर सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा?
भारत में धनतेरस के अवसर पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग आभूषण, सिक्के और चांदी की वस्तुएं खरीदते हैं। बाजार में कीमतों में आई हालिया गिरावट ने ऐसे ग्राहकों को कुछ राहत जरूर दी है। केवल पिछले सप्ताह की तुलना में कीमत कम होने का अर्थ यह नहीं है कि सोना अपने सबसे सस्ते स्तर पर पहुंच गया है।
अगर ग्राहक शादी, त्योहार या पारिवारिक जरूरत के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो कीमत के साथ आभूषण की शुद्धता और मेकिंग चार्ज पर भी ध्यान देना जरूरी है। निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वाले लोगों के लिए एक ही दिन में पूरी रकम लगाने के बजाय अलग-अलग चरणों में खरीदारी करने की रणनीति कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम कर सकती है। यह सामान्य निवेश संबंधी सुझाव है, भविष्य में कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय ग्राहकों को केवल दुकान पर बताई गई कीमत देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। आभूषण की अंतिम कीमत में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ सकते हैं। 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में अंतर होता है। आमतौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोना खरीदा जाता है, जबकि निवेश के लिए 24 कैरेट शुद्धता वाले सिक्के या अन्य स्वीकृत विकल्पों पर विचार किया जाता है। ग्राहकों को हॉलमार्क और HUID की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही पक्का बिल लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में आभूषण की बिक्री या अदला-बदली के समय परेशानी न हो।
आगे बढ़ेंगे या और गिरेंगे सोना-चांदी के भाव?
धनतेरस से पहले सर्राफा बाजार में खरीदारी बढ़ने की संभावना रहती है, लेकिन घरेलू मांग बढ़ने से कीमतों का ऊपर जाना निश्चित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक होने वाले बदलाव से भाव में तेजी या गिरावट दोनों आ सकती हैं। फिलहाल अक्टूबर के आखिरी सप्ताह की तुलना में सोना और चांदी सस्ते हुए हैं। इससे ग्राहकों को खरीदारी का अवसर मिला है, लेकिन कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे ताजा बाजार भाव की तुलना करें, शुद्धता की जांच करें और अपने बजट के अनुसार खरीदारी का फैसला लें।