बिजनेस : हर महीने सैलरी आने का इंतजार हर नौकरीपेशा व्यक्ति को रहता है। लेकिन कई लोगों की परेशानी यह होती है कि महीने की शुरुआत में खाते में पैसे आते ही खर्चों की लंबी लिस्ट शुरू हो जाती है और कुछ ही दिनों में पूरा बजट बिगड़ जाता है। किराया, बिल, EMI, शॉपिंग, बाहर खाना और दूसरी जरूरतों के बीच यह समझना मुश्किल हो जाता है कि पैसा कहां चला गया।
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है कि सैलरी आते ही बैंक बैलेंस कम होने लगता है, तो कुछ आसान वित्तीय नियम अपनाकर आप अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। पैसे को सही तरीके से मैनेज करने के लिए अनुशासन और सही प्लानिंग सबसे जरूरी होती है।
1. सैलरी आते ही पहले बचत करें
ज्यादातर लोग पहले खर्च करते हैं और जो पैसा बचता है उसे सेविंग में डालते हैं। यही सबसे बड़ी गलती होती है। पैसे बचाने का बेहतर तरीका है कि सैलरी आते ही एक तय हिस्सा अलग कर दिया जाए।
आप अपनी आय का कम से कम 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा हर महीने बचाने की आदत डाल सकते हैं। यह रकम धीरे-धीरे बड़ी बचत में बदल सकती है।
उदाहरण के लिए अगर आपकी सैलरी 40 हजार रुपये है तो शुरुआत में ही 4 से 8 हजार रुपये अलग खाते में ट्रांसफर कर दें।
2. 50-30-20 नियम अपनाएं
पैसे को मैनेज करने के लिए 50-30-20 नियम काफी लोकप्रिय है। इसमें आपकी आय को तीन हिस्सों में बांटा जाता है।
* 50 प्रतिशत पैसा जरूरी खर्चों के लिए
* 30 प्रतिशत पैसा आपकी इच्छाओं और लाइफस्टाइल के लिए
* 20 प्रतिशत पैसा बचत और निवेश के लिए
जरूरी खर्चों में घर का किराया, राशन, बिजली बिल, EMI और दूसरी जरूरतें शामिल होती हैं। वहीं घूमना, शॉपिंग और मनोरंजन जैसी चीजें 30 प्रतिशत वाले हिस्से में आती हैं।
3. खर्चों का हिसाब जरूर रखें
कई बार छोटे-छोटे खर्च मिलकर बड़ी रकम बन जाते हैं। रोजाना की चाय, ऑनलाइन ऑर्डर, कैब, अनावश्यक सब्सक्रिप्शन जैसी चीजों पर ध्यान नहीं जाता।
इसलिए हर महीने अपने खर्चों की सूची बनाएं। इससे आपको पता चलेगा कि पैसा कहां ज्यादा खर्च हो रहा है और किन चीजों में कटौती की जा सकती है।
आज के समय में कई मोबाइल ऐप और बैंकिंग सुविधाओं के जरिए खर्चों को ट्रैक करना आसान हो गया है।
4. इमरजेंसी फंड बनाएं
जिंदगी में कभी भी अचानक खर्च आ सकता है। बीमारी, नौकरी में बदलाव या किसी जरूरी काम के लिए अतिरिक्त पैसे की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसे समय में कर्ज लेने से बचने के लिए इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है। कोशिश करें कि आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर रकम सुरक्षित हो।
इस पैसे को ऐसे स्थान पर रखें जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।
5. कर्ज और क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करें
क्रेडिट कार्ड और लोन सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन गलत इस्तेमाल करने पर आर्थिक परेशानी बढ़ा सकते हैं।
जरूरत से ज्यादा EMI लेने से हर महीने की आय का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में चला जाता है। इसलिए कोई भी बड़ा लोन लेने से पहले अपनी भुगतान क्षमता जरूर जांचें।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें तो समय पर बिल भुगतान करें, ताकि ब्याज और अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।
6. पैसे को सिर्फ बचाएं नहीं, निवेश भी करें
सिर्फ बैंक खाते में पैसा रखने से आपकी संपत्ति तेजी से नहीं बढ़ती। महंगाई के कारण समय के साथ पैसे की वैल्यू कम हो सकती है।
इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार निवेश के विकल्पों को समझें। म्यूचुअल फंड, SIP, फिक्स्ड डिपॉजिट, PPF और अन्य योजनाएं लंबी अवधि में आर्थिक लक्ष्य पूरे करने में मदद कर सकती हैं।
निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, जोखिम क्षमता और लक्ष्य को जरूर समझें।
7. दिखावे के खर्चों से बचें
आज के समय में सोशल मीडिया और लाइफस्टाइल के दबाव के कारण कई लोग अपनी आय से ज्यादा खर्च करने लगते हैं।
महंगी चीजें खरीदना या दूसरों की देखा-देखी खर्च करना लंबे समय में आर्थिक परेशानी पैदा कर सकता है। जरूरी है कि अपनी आय के अनुसार जीवनशैली अपनाएं।
याद रखें कि आर्थिक मजबूती दिखावे से नहीं बल्कि सही वित्तीय फैसलों से आती है।
पैसे बचाने के लिए बनाएं छोटे लक्ष्य
अगर आप अचानक बड़ी बचत शुरू नहीं कर पा रहे हैं तो छोटे लक्ष्य बनाएं। हर महीने थोड़ी रकम बचाकर शुरुआत करें।
छोटी-छोटी आदतें ही भविष्य में बड़ी आर्थिक सुरक्षा देती हैं। नियमित बचत और सही निवेश से आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर सकते हैं।
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