बिज़नस: अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं तो आपकी सैलरी का एक हिस्सा हर महीने पीएफ अकाउंट में जमा होता है. कुछ हिस्सा उस कंपनी की तरफ से भी जोड़ा जाता है, जहां आप काम करते हैं. इस जमा रकम पर सरकार की तरफ से कुछ ब्याज दिया जाता है. फिलहाल पीएफ पर 8.25 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. जब कर्मचारी रिटायर होता है तो यह रकम एक साथ मिलती है. कुछ हिस्सा हर महीने पेंशन में जाता है, जो रिटायरमेंट के बाद मिलना शुरू होता है. कितनी पेंशन मिलेगी, इसका हिसाब EPFO ​​की आधिकारिक वेबसाइट epfindia.gov.in पर मौजूद कैलकुलेटर से लगाया जा सकता है.

पीएफ क्या है: यह एक बचत योजना है. इसका लाभ उन्हीं कंपनियों के कर्मचारियों को मिलता है, जिनमें कर्मचारियों की संख्या 20 या उससे ज्यादा है. इसकी निगरानी केंद्र सरकार का कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) करता है. इसके दो मुख्य भाग हैं. पहला- EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि और दूसरा- EPS यानी कर्मचारी पेंशन योजना. पेंशन पाने के लिए कर्मचारी के पीएफ खाते का 10 साल तक एक्टिव रहना जरूरी है. यहां अकाउंट एक्टिव होने का मतलब है कि 10 साल तक कर्मचारी का पेंशन अंशदान EPFO ​​में जमा होना चाहिए। अगर किसी कर्मचारी का पेंशन अंशदान 9 साल 6 महीने तक जमा होता है तो उसे राउंड ऑफ में 10 साल माना जाता है। इसमें बेसिक सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी की ओर से जमा किया जाता है। वहीं, बेसिक सैलरी का 8.33 फीसदी हिस्सा कंपनी की ओर से EPS में और बेसिक सैलरी का 3.67 फीसदी हिस्सा EPF में जमा किया जाता है। इसकी मैच्योरिटी अवधि कर्मचारी की 58 साल की उम्र तक ही होती है।

तो पति या पत्नी को मिलेगी पेंशन: अगर किसी PF अकाउंट होल्डर की मौत हो जाती है तो उसके जीवन साथी को पेंशन की रकम मिलती है। जीवनसाथी के न होने पर बच्चों को 25 साल तक पेंशन मिलती है। वहीं, अगर शादी नहीं हुई है तो नॉमिनी को पेंशन मिलेगी। इसलिए PF अकाउंट में नॉमिनी का नाम जरूर जोड़ें। इसे ऑनलाइन भी जोड़ा जा सकता है। अगर कोई नॉमिनी नहीं है तो कर्मचारी के माता-पिता इस पेंशन के हकदार होते हैं।

इतनी पेंशन मिलेगी:

आधिकारिक वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाएं।

खुलने वाले पेज पर अपनी जन्मतिथि दर्ज करें। साथ ही, नौकरी जॉइन करने और छोड़ने समेत कुछ और जानकारियां देनी होंगी।

यह जानकारी दर्ज करने के बाद Add Service पर क्लिक करें।

अब Show/Update details पर क्लिक करें।

खुलने वाले पेज पर आपको 58 साल पूरे होने की तारीख, जल्दी पेंशन के लिए 50 साल की उम्र और कैलकुलेट करने के बाद पेंशन शुरू होने की तारीख दिखेगी।

आप चाहें तो 50 साल की उम्र पूरी करने के बाद भी पेंशन का लाभ उठा सकते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसी स्थिति में पेंशन की रकम कम हो जाती है।

अब पेंशन कैलकुलेटर में पेंशन शुरू होने की तारीख और पेंशन के लिए सैलरी दर्ज करें और Show/Update details पर क्लिक करें। इसके बाद आपको हर महीने मिलने वाली पेंशन की रकम दिख जाएगी।

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