नई दिल्ली :  बैंक ने आपका पर्सनल लोन आवेदन खारिज कर दिया है तो इसे अंतिम फैसला मानकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। लोन आवेदन अस्वीकार होने के पीछे केवल कम क्रेडिट स्कोर जिम्मेदार नहीं होता। बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान आवेदक की आय, नौकरी की स्थिरता, मौजूदा कर्ज, मासिक ईएमआई और भुगतान के रिकॉर्ड सहित कई पहलुओं की जांच करते हैं। ऐसे में तुरंत दूसरी जगह आवेदन करने के बजाय अस्वीकृति की वजह समझना और अपनी वित्तीय प्रोफाइल सुधारना बेहतर कदम हो सकता है।
पर्सनल लोन असुरक्षित कर्ज होता है। इसके बदले बैंक के पास किसी संपत्ति की गारंटी नहीं होती। यही कारण है कि बैंक आवेदन स्वीकार करने से पहले ग्राहक की कर्ज चुकाने की क्षमता की सावधानी से जांच करते हैं। पात्रता के नियम अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकते हैं।
सबसे पहले क्रेडिट रिपोर्ट जांचें
लोन आवेदन खारिज होने के बाद सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखनी चाहिए। रिपोर्ट में पुरानी ईएमआई बकाया दिखाई दे सकती है या ऐसा लोन खाता सक्रिय नजर आ सकता है, जिसे आवेदक पहले ही बंद कर चुका है। नाम, पता, पैन नंबर या दूसरी व्यक्तिगत जानकारी में गलती भी प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती है।
अगर रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी मिले तो संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थान या क्रेडिट ब्यूरो के समक्ष सुधार का अनुरोध किया जा सकता है। रिपोर्ट ठीक होने के बाद ही नया आवेदन करना उपयोगी हो सकता है।
 समय पर करें ईएमआई और कार्ड का भुगतान
पुरानी ईएमआई या क्रेडिट कार्ड बिल का विलंब से भुगतान क्रेडिट हिस्ट्री को नुकसान पहुंचा सकता है। किसी कर्ज का निपटारा या बार-बार भुगतान में देरी भी बैंक के फैसले को प्रभावित कर सकती है।
लगातार समय पर भुगतान करने से वित्तीय अनुशासन का संकेत मिलता है। इसके लिए ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल पर ऑटो-पे सुविधा लगाई जा सकती है। हालांकि, खाते में पर्याप्त रकम रखना जरूरी होगा। नियमित भुगतान से क्रेडिट प्रोफाइल में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है।
मौजूदा कर्ज का बोझ कम करें
अगर मासिक आय का बड़ा हिस्सा पहले से होम लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड या दूसरे कर्ज की ईएमआई में जा रहा है तो नया लोन मिलने की संभावना कम हो सकती है। बैंक देखते हैं कि सभी मौजूदा किस्तों के बाद आवेदक के पास नई ईएमआई चुकाने के लिए पर्याप्त आय बचती है या नहीं।
ऐसी स्थिति में छोटी देनदारियां पहले समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि कम करने और अनावश्यक कर्ज बंद करने से भुगतान क्षमता बेहतर दिखाई दे सकती है। जरूरत से ज्यादा बड़ी रकम मांगना भी आवेदन खारिज होने का कारण बन सकता है। इसलिए अपनी आय और जरूरत के अनुसार ही लोन राशि चुननी चाहिए।
कई बैंकों में एक साथ आवेदन से बचें
एक बैंक से आवेदन खारिज होते ही कई बैंकों और लोन ऐप पर आवेदन करना नुकसानदायक हो सकता है। प्रत्येक औपचारिक आवेदन पर क्रेडिट रिपोर्ट में हार्ड इंक्वायरी दर्ज हो सकती है। कम समय में कई इंक्वायरी होने पर ऐसा लग सकता है कि आवेदक को तत्काल कर्ज की जरूरत है या उसकी वित्तीय स्थिति कमजोर है।
पहले बैंक से आवेदन खारिज होने की वजह जानने का प्रयास करें। कारण दूर करने के बाद कुछ समय रुककर नई पात्रता की जांच करें। पात्रता बताने वाले टूल का इस्तेमाल करते समय यह भी देखना चाहिए कि उससे हार्ड इंक्वायरी होगी या नहीं।
 समान स्कोर पर भी अलग हो सकता है फैसला
एक जैसा क्रेडिट स्कोर रखने वाले दो आवेदकों पर बैंक अलग फैसला कर सकते हैं। स्थिर नौकरी, नियमित वेतन और कम देनदारी वाले व्यक्ति को प्राथमिकता मिल सकती है। वहीं अनियमित आय, बार-बार नौकरी बदलने या अधिक ईएमआई वाले आवेदक का लोन रोका जा सकता है।
दोबारा आवेदन से पहले क्रेडिट रिपोर्ट की गलतियां ठीक कराएं, बकाया भुगतान पूरा करें, कर्ज का बोझ घटाएं और जरूरी दस्तावेज अपडेट रखें। बैंक से ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, कुल भुगतान और अन्य शर्तों की जानकारी लेकर ही आवेदन करना समझदारी होगी।
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