नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हजार रुपये के नए नोट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर पीले रंग के 1,000 रुपये के नोट की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही एक हजार रुपये का नया नोट जारी करने वाला है और इसे 15 तारीख से बाजार में उतारा जाएगा। वायरल तस्वीरों में नोट पर एक मंदिर का डिजाइन दिखाई दे रहा है। इसे लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या करीब दस साल बाद देश में एक हजार रुपये के नोट की वापसी होने वाली है? अब केंद्र सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने इस दावे की सच्चाई सामने रख दी है।
क्या 15 तारीख से चलन में आएगा 1000 रुपये का नया नोट?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में एक हजार रुपये का कथित नया नोट दिखाया जा रहा है। इसका रंग पीला है और उस पर मंदिर की आकृति नजर आ रही है।कुछ वीडियो में लोग इस नोट को हाथ में पकड़कर दिखाते हुए दावा कर रहे हैं कि सरकार ने नए नोट का डिजाइन तैयार कर लिया है। इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि नोट 15 तारीख से बाजार में उपलब्ध होगा।इन पोस्ट को देखकर कई लोग इसे भारतीय रिजर्व बैंक की नई घोषणा मान रहे हैं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक अधिसूचना सामने नहीं आई है।सरकारी फैक्ट चेक एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह दावा गलत है।
PIB फैक्ट चेक ने वायरल दावे को बताया फर्जी
केंद्र सरकार के पत्र सूचना कार्यालय यानी पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को नए 1,000 रुपये के नोट से जुड़े दावे की पड़ताल की।पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने एक हजार रुपये का नया नोट जारी करने के संबंध में कोई घोषणा नहीं की है।इसका मतलब है कि सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही तस्वीरों को आधिकारिक मुद्रा का नया डिजाइन मानना गलत है।पीआईबी ने लोगों को सलाह दी है कि वे करेंसी से संबंधित किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी पुष्टि जरूर करें।एजेंसी ने नागरिकों से ऐसी अपुष्ट तस्वीरों और वीडियो को आगे साझा नहीं करने की अपील भी की है।
2016 में बंद किए गए थे 1000 रुपये के नोट
भारत में पहले 1,000 रुपये के नोट सामान्य रूप से चलन में थे। लेकिन 8 नवंबर 2016 को केंद्र सरकार ने तत्कालीन 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी।इस फैसले के बाद पुराने 1,000 रुपये के नोटों का वैध मुद्रा का दर्जा समाप्त कर दिया गया था।नोटबंदी के बाद नए डिजाइन वाला 500 रुपये का नोट और 2,000 रुपये का नोट जारी किया गया था। हालांकि एक हजार रुपये के नोट को दोबारा जारी नहीं किया गया।नोटबंदी के समय सरकार ने काले धन, नकली मुद्रा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने को इस फैसले के प्रमुख उद्देश्यों में बताया था।
क्या 2000 रुपये का नोट भी बंद हो चुका है?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 मई 2023 को 2,000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी।यहां यह समझना जरूरी है कि 2,000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेना और उसका वैध मुद्रा का दर्जा समाप्त करना अलग-अलग बातें हैं।आरबीआई ने स्पष्ट किया था कि 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि ये नोट पूरी तरह अवैध हो गए हैं।हालांकि इन नोटों की नई आपूर्ति और सामान्य बैंकिंग लेनदेन में उपलब्धता सीमित हो गई है।वर्तमान में आम तौर पर जारी किए जा रहे नोटों में सबसे बड़ा मूल्यवर्ग 500 रुपये है।
इस समय कौन-कौन से नोट चलन में हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक की महात्मा गांधी नई श्रृंखला में 10, 20, 50, 100, 200 और 500 रुपये के बैंक नोट जारी किए गए हैं।इसके अलावा पहले की कुछ श्रृंखलाओं के वैध नोट भी प्रचलन में हैं।देश में पांच रुपये और अन्य मूल्यवर्ग के सिक्के भी इस्तेमाल किए जाते हैं।हालांकि नए 1,000 रुपये के नोट की वापसी को लेकर फिलहाल आरबीआई ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।ऐसे में वायरल तस्वीरों के आधार पर यह मान लेना कि एक हजार रुपये का नया नोट बाजार में आने वाला है, गलत होगा।
सोशल मीडिया पर क्यों फैलती हैं नोटों से जुड़ी अफवाहें?
सोशल मीडिया पर करेंसी नोटों की तस्वीरें आसानी से वायरल हो जाती हैं। कई बार डिजिटल तकनीक से नोटों के काल्पनिक डिजाइन तैयार करके उन्हें वास्तविक मुद्रा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।कुछ पोस्ट में आकर्षक रंग, धार्मिक स्थलों की तस्वीरें और सरकारी संस्थानों के नाम जोड़ दिए जाते हैं, जिससे लोग उन्हें वास्तविक समझ सकते हैं।कई बार पोस्ट में कोई निश्चित तारीख भी लिख दी जाती है, ताकि संदेश विश्वसनीय दिखाई दे।इस मामले में भी पीले रंग के नोट के साथ 15 तारीख का दावा किया जा रहा है।लेकिन केवल तस्वीर या वीडियो देखकर किसी नोट को असली नहीं माना जा सकता।
RBI नए नोट जारी करता है तो कैसे मिलती है जानकारी?
भारत में बैंक नोट जारी करने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक के पास है। नए नोटों के जारी होने या उनके डिजाइन में महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से सार्वजनिक की जाती है।आरबीआई अपनी वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्तियां, अधिसूचनाएं और बैंकिंग संबंधी निर्देश प्रकाशित करता है।यदि कोई नया मूल्यवर्ग जारी किया जाता है, तो उसके डिजाइन, रंग, आकार और सुरक्षा विशेषताओं की जानकारी भी आधिकारिक रूप से उपलब्ध कराई जाती है।इसलिए किसी वायरल पोस्ट में नया नोट दिखाई देने भर से उसके जारी होने की पुष्टि नहीं होती।
फर्जी करेंसी संबंधी जानकारी की शिकायत कहां करें?
यदि सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध नोट, सरकारी योजना या वित्तीय घोषणा दिखाई दे, तो उसकी जांच पीआईबी फैक्ट चेक के माध्यम से कराई जा सकती है।लोग संदिग्ध संदेश, फोटो या वीडियो को पीआईबी फैक्ट चेक के व्हाट्सऐप नंबर 8799711259 पर भेज सकते हैं।आधिकारिक घोषणाओं के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट और PIB फैक्ट चेक पोर्टल देखा जा सकता है।
1000 रुपये के नए नोट की वायरल खबर का सच क्या है?
फिलहाल यह स्पष्ट है कि पीले रंग के नए 1,000 रुपये के नोट को 15 तारीख से जारी किए जाने का दावा फर्जी है।भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तरह के किसी नोट की घोषणा नहीं की है। इसलिए वायरल तस्वीरों और वीडियो को आधिकारिक सूचना मानकर साझा करना उचित नहीं होगा।यह मामला एक बार फिर बताता है कि सोशल मीडिया पर वित्तीय मामलों से जुड़ी खबरों की पुष्टि करना कितना जरूरी है।किसी नोट की वापसी, नोटबंदी या मुद्रा के डिजाइन में बदलाव जैसी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।