नई दिल्ली। सावन के तीसरे सोमवार यानी 17 अगस्त 2026 को सर्राफा और कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सुबह सोना करीब **0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,55,170 प्रति 10 ग्राम** पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान MCX गोल्ड ने ₹1,56,155 प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे हाई भी छुआ। वहीं चांदी में भी मजबूती रही और सुबह MCX सिल्वर करीब ₹2,38,620 प्रति किलो के आसपास पहुंच गई।
सोने में आई इस तेजी ने एक बार फिर खरीदारों और निवेशकों का ध्यान बुलियन मार्केट की तरफ खींचा है। हालांकि अलग-अलग शहरों, ज्वेलर्स और प्लेटफॉर्म पर सोने के खुदरा भाव में अंतर हो सकता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदने पर GST और मेकिंग चार्ज भी अलग से जुड़ते हैं।
24 कैरेट सोना ₹1.55 लाख के आसपास
17 अगस्त को एक रिटेल रेट ट्रैकर के मुताबिक देश में 24 कैरेट सोने का भाव करीब **₹1,55,130 प्रति 10 ग्राम** और 22 कैरेट सोने का भाव करीब **₹1,42,200 प्रति 10 ग्राम** दर्ज किया गया। यानी शुद्ध सोना एक बार फिर ₹1.55 लाख के स्तर पर बना हुआ है।
हालांकि सोने के रेट के अलग-अलग स्रोतों में अंतर दिख रहा है। इसकी वजह MCX फ्यूचर्स, स्पॉट या रिटेल रेट, शहर, समय और ज्वेलर के हिसाब से कीमतों का अलग होना है। इसलिए आभूषण खरीदने से पहले स्थानीय ज्वेलर से ताजा भाव जरूर पता करना चाहिए।
एक हफ्ते में सोना ₹3,200 महंगा
सोने की हालिया तेजी केवल सोमवार के कारोबार तक सीमित नहीं है। पिछले एक सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब **₹3,200 प्रति 10 ग्राम** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 100 ग्राम के हिसाब से यह बढ़ोतरी करीब ₹32,000 तक बैठती है। इसी अवधि में चांदी भी करीब ₹5,000 महंगी हुई है।
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण उन ग्राहकों की चिंता भी बढ़ रही है जो शादी या त्योहारों के लिए सोने की खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं।
सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है?
सोने की कीमतों पर इस समय घरेलू मांग के साथ वैश्विक घटनाओं का बड़ा असर दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण निवेशकों में सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने जैसे सेफ-हेवन एसेट की तरफ रुख करते हैं, जिससे कीमतों को समर्थन मिलता है।
इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें भी सोने की चाल को प्रभावित कर रही हैं। पिछले सप्ताह नरम अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया, जिससे सोने को समर्थन मिला।
सावन में ज्वेलरी की मांग पर नजर
भारत में सोने की मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। धार्मिक अवसरों, त्योहारों और शादी-विवाह के लिए भी बड़े पैमाने पर सोना खरीदा जाता है। सावन के दौरान कई लोग शुभ अवसरों पर सोने और चांदी के आभूषण खरीदते हैं।
हालांकि ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच चुकी कीमतें ग्राहकों के बजट पर दबाव डाल सकती हैं। ऊंची कीमतों की स्थिति में खरीदार हल्के वजन की ज्वेलरी या कम कैरेट वाले विकल्पों की ओर भी रुख कर सकते हैं।
चांदी में भी जोरदार तेजी
सोने के साथ चांदी ने भी सोमवार को मजबूती दिखाई। सुबह के कारोबार में MCX सिल्वर फ्यूचर्स करीब **0.57 प्रतिशत बढ़कर ₹2,38,620 प्रति किलो** पर कारोबार कर रहे थे। (
चांदी की कीमतों पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक मांग का भी प्रभाव पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य उद्योगों में चांदी का इस्तेमाल होने के कारण इसकी चाल सोने से कुछ अलग भी रह सकती है।
आगे सोना और महंगा होगा?
आने वाले दिनों में सोने की चाल वैश्विक तनाव, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों को लेकर संकेत और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग पर निर्भर करेगी। मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण विश्लेषकों की नजर इस सप्ताह भी सोने की तेजी जारी रहने की संभावना पर है, लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली से कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी आ सकता है।
ऐसे में ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर फैसला करना मुश्किल हो सकता है। वहीं निवेश के लिहाज से सोना खरीदने वालों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना चाहिए।
फिलहाल सावन के तीसरे सोमवार को बुलियन मार्केट में सोने और चांदी दोनों की चमक बढ़ी है। MCX गोल्ड का ₹1.55 लाख के ऊपर बने रहना यह संकेत दे रहा है कि कीमती धातुओं में फिलहाल तेज हलचल जारी रह सकती है।