सोना-चांदी के दामों में तेजी, निवेशकों में बढ़ी दिलचस्पी

Update: 2025-09-28 15:42 GMT

Business, व्यापार : देशभर में सोना और चांदी की कीमतों में बीते कुछ हफ्तों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। बीते सप्ताह यह तेजी नई ऊँचाइयों तक पहुँच गई, जब सोना और चांदी दोनों ही अपनी अब तक की सर्वाधिक कीमतों पर पहुँच गए। बाजार विश्लेषकों और निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में गिरावट, महंगाई की चिंता और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के कारण यह उछाल देखने को मिला है।

सोने की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹62,000 से ₹65,000 प्रति 10 ग्राम के बीच पहुँच चुकी है। वहीं कुछ स्थानों पर यह ₹66,000 का स्तर भी पार कर गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% की वृद्धि को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह तेजी और भी बढ़ सकती है यदि भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की कमजोरी और महंगाई दर बनी रहती है।

चांदी ने भी पकड़ी रफ्तार

चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। वर्तमान में चांदी की कीमत ₹78,000 से ₹80,000 प्रति किलोग्राम तक पहुँच चुकी है। पिछले एक महीने में चांदी में लगभग ₹5,000 से ₹7,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। औद्योगिक मांग और निवेश के बढ़ते झुकाव के चलते चांदी के दामों में यह बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कीमतें ऊपर जा रही हैं।

क्या हैं बढ़ोतरी के कारण?

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: अमेरिका, चीन, यूरोप जैसे बड़े बाजारों में आर्थिक सुस्ती के संकेत मिल रहे हैं, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं। डॉलर में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में बदलाव और डॉलर इंडेक्स की गिरावट से सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश के साधनों में तेजी आई है। केंद्रीय बैंकों की खरीद: कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोना जोड़ रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और कीमत दोनों बढ़ रही हैं। मुद्रास्फीति की चिंता: बढ़ती महंगाई ने निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर रुख करने पर मजबूर किया है, क्योंकि ये मुद्रास्फीति के खिलाफ एक मजबूत कवच के रूप में काम करती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों की राय में सोना और चांदी लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा उच्च स्तर पर निवेश करते समय सतर्कता बरतना जरूरी है। अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक नजरिए से निवेश करना अधिक फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने के लिए सोना-चांदी को सीमित मात्रा में शामिल करना ही बेहतर होता है।
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