नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। धनतेरस और दिवाली से पहले सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। खास बात यह है कि चांदी की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे बनी हुई है। वहीं, सोने के दाम भी घटकर करीब 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए हैं। कीमतों में आई इस गिरावट से आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय सर्राफा बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिल रहा है। डॉलर की मजबूती, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आज कितना सस्ता हुआ सोना?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 279 रुपये घटकर 1,41,431 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले सोमवार को सोने का भाव 1,41,710 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत 1,29,806 रुपये से घटकर 1,29,551 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। यानी 22 कैरेट सोना 255 रुपये सस्ता हुआ। वहीं, 18 कैरेट सोने का भाव भी घटकर 1,06,073 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पहले 1,06,283 रुपये था।
सोने के अलग-अलग कैरेट की कीमतों में आई गिरावट से उन ग्राहकों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस और शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।
चांदी की कीमत में करीब 2 हजार रुपये की गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में अधिक गिरावट देखने को मिली है। IBJA के उपलब्ध शाम के भाव के अनुसार, मंगलवार को चांदी 1,92,499 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोमवार को इसका भाव 1,94,479 रुपये प्रति किलोग्राम था। इस तरह चांदी एक दिन में 1,980 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई है।
चांदी की कीमतों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार दबाव बना हुआ है। 30 सितंबर को चांदी का भाव 2,20,435 रुपये प्रति किलोग्राम था। इसके मुकाबले अब कीमत में लगभग 28 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है। इससे चांदी के सिक्के, बर्तन और अन्य सामान खरीदने वाले ग्राहकों को फायदा मिल सकता है।
धनतेरस से पहले क्यों गिर रहे सोने-चांदी के दाम?
बाजार जानकारों के मुताबिक सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी खरीदना अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है। इससे इनकी मांग प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव डाल रही हैं। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशकों का रुझान ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ सकता है।
चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। ऐसे में वैश्विक औद्योगिक मांग कमजोर पड़ने की आशंका से चांदी की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
क्या सोना-चांदी खरीदने का सही समय है?
धनतेरस और दिवाली के अवसर पर भारत में सोने-चांदी की खरीदारी शुभ मानी जाती है। ऐसे में कीमतों में गिरावट के कारण इस बार ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कीमत गिरने के आधार पर जल्दबाजी में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति लंबे समय के लिए सोने में निवेश करना चाहता है तो वह अपनी आर्थिक स्थिति और निवेश के उद्देश्य को ध्यान में रखकर खरीदारी कर सकता है। एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय अलग-अलग चरणों में खरीदारी करना कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने का एक तरीका हो सकता है।
चांदी में निवेश करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, क्योंकि इसकी कीमतों में सोने के मुकाबले अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारी सीजन में सोने के आभूषण खरीदते समय ग्राहकों को उनकी शुद्धता की जांच जरूर करनी चाहिए। हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण खरीदना बेहतर विकल्प माना जाता है। ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच करनी चाहिए।
इसके अलावा सोना खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और दुकानदार द्वारा लगाए जाने वाले अन्य शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है।
IBJA की ओर से जारी सोने और चांदी की मानक कीमतों में तीन प्रतिशत जीएसटी और आभूषणों के मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते हैं। इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी दुकानों पर अंतिम कीमतों में अंतर हो सकता है।
आने वाले दिनों में कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल?
सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी।
त्योहारी सीजन में घरेलू बाजार में आभूषणों की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि मांग बढ़ने से कीमतों में तुरंत तेजी आ जाए। अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियां भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करती रहेंगी।
फिलहाल धनतेरस से पहले सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट खरीदारों के लिए राहत की खबर है। लेकिन निवेशकों को खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव की जांच और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन जरूर करना चाहिए।