बिजनेस : शेयर बाजार में इन दिनों IPO यानी Initial Public Offering को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। नई कंपनियां बाजार से पूंजी जुटाने के लिए लगातार IPO लेकर आ रही हैं और कई इश्यू लिस्टिंग से पहले ही ग्रे मार्केट में चर्चा बटोर रहे हैं। इसी कड़ी में 31 अगस्त को खुलने जा रहे एक IPO पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इस IPO की खास बात यह है कि इसकी कीमत 100 रुपये से कम रखी गई है और ग्रे मार्केट में इसके प्रीमियम को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि, निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) केवल बाजार की धारणा को दिखाता है। यह लिस्टिंग लाभ की गारंटी नहीं होता। कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, वैल्यूएशन और बाजार के माहौल को देखकर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
31 अगस्त से खुलेगा IPO
31 अगस्त को खुलने वाला यह IPO निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होगा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इसकी कीमत 100 रुपये से कम रखी गई है, जिसकी वजह से छोटे निवेशकों की भी इसमें दिलचस्पी बढ़ सकती है।
कम कीमत वाले IPO अक्सर रिटेल निवेशकों को आकर्षित करते हैं क्योंकि कम पूंजी में आवेदन करने का मौका मिलता है। हालांकि सिर्फ कम कीमत होना किसी IPO को अच्छा निवेश नहीं बनाता। कंपनी का बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाएं सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।
ग्रे मार्केट में क्यों बढ़ी चर्चा?
IPO बाजार में लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम को लेकर काफी चर्चा होती है। अगर किसी IPO का GMP पॉजिटिव होता है तो इसका मतलब होता है कि अनौपचारिक बाजार में निवेशकों की मांग मजबूत दिखाई दे रही है।
किसी IPO का इश्यू प्राइस अगर 100 रुपये है और GMP करीब 40 रुपये है तो बाजार में अनुमान लगाया जाता है कि शेयर लगभग 140 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकता है। हालांकि वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति और मांग पर निर्भर करती है।
निवेशकों को क्यों पसंद आते हैं छोटे IPO?
छोटे और कम कीमत वाले IPO में रिटेल निवेशकों की भागीदारी अक्सर ज्यादा देखने को मिलती है। इसके पीछे कई कारण होते हैं:
* कम निवेश राशि की जरूरत
* ज्यादा लिस्टिंग गेन की उम्मीद
* नई कंपनियों में शुरुआती निवेश का मौका
* बाजार में तेजी के समय बेहतर मांग
लेकिन छोटे IPO में जोखिम भी ज्यादा हो सकता है। कई बार कम लिक्विडिटी और सीमित कारोबार वाली कंपनियों में उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिलता है।
GMP देखकर ही फैसला लेना कितना सही?
कई निवेशक सिर्फ GMP देखकर IPO में पैसा लगा देते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे जोखिम भरा मानते हैं। ग्रे मार्केट आधिकारिक बाजार का हिस्सा नहीं होता और इसमें कीमतें तेजी से बदल सकती हैं।
किसी IPO में निवेश से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए:
* कंपनी का पिछले वर्षों का प्रदर्शन
* बिक्री और मुनाफे की स्थिति
* कंपनी पर कर्ज कितना है
* IPO से जुटाए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा
* कंपनी के सेक्टर का भविष्य क्या है
IPO में निवेश से पहले रखें सावधानी
अगर कोई कंपनी IPO के जरिए बाजार में आ रही है तो निवेशकों को कंपनी के ऑफिशियल दस्तावेजों को पढ़ना चाहिए। केवल सोशल मीडिया, खबरों या GMP के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए।
कई बार मजबूत GMP वाले IPO भी लिस्टिंग के बाद कमजोर प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि कुछ IPO बिना ज्यादा चर्चा के अच्छा रिटर्न दे देते हैं।
बाजार की स्थिति का भी पड़ेगा असर
किसी भी IPO की लिस्टिंग पर सिर्फ कंपनी ही नहीं बल्कि पूरे शेयर बाजार का माहौल भी असर डालता है। अगर बाजार में तेजी होती है तो नए शेयरों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल सकता है। वहीं गिरावट वाले बाजार में अच्छे IPO पर भी दबाव आ सकता है।
इसलिए निवेशकों को सेंसेक्स, निफ्टी की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और सेक्टर के प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए।
छोटे निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो?
छोटे निवेशकों को किसी भी IPO में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता समझनी चाहिए। अगर उद्देश्य सिर्फ लिस्टिंग गेन है तो बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
वहीं लंबी अवधि के निवेशक कंपनी की ग्रोथ क्षमता, मैनेजमेंट और भविष्य की योजनाओं को प्राथमिकता दें।
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