कोलकाता : एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इमामी ग्रुप अब पैकेज्ड फूड कारोबार में बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी ने पश्चिम बंगाल में अत्याधुनिक फूड पार्क स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसके लिए करीब **400 करोड़ रुपये** का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना के जरिए कंपनी अपने पैकेज्ड फूड कारोबार को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ भविष्य में **इमामी एग्रोटेक लिमिटेड** के प्रस्तावित आईपीओ को भी अधिक मजबूत आधार देना चाहती है। कंपनी का मानना है कि खाद्य तेल कारोबार के साथ विविध फूड प्रोडक्ट्स जोड़ने से उसकी वैल्यूएशन में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इमामी ग्रुप के निदेशक **आदित्य वर्धन अग्रवाल** ने बताया कि कंपनी ने पश्चिम बंगाल सरकार से करीब **22 एकड़ जमीन** उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसी भूमि पर आधुनिक फूड पार्क विकसित किया जाएगा, जहां उत्पादन, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इसके अलावा कंपनी ने कोलकाता में अपने सभी कार्यालयों को एक स्थान पर लाने के उद्देश्य से **3 से 4 एकड़ जमीन** पर नया कॉर्पोरेट मुख्यालय स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है।
कंपनी की खाद्य तेल इकाई **इमामी एग्रोटेक लिमिटेड** इस परियोजना का संचालन करेगी। इमामी पहले ही पैकेज्ड फूड सेगमेंट में आटा, बेसन, सूजी, मसाले और सोया चंक्स जैसे उत्पादों के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। हाल के महीनों में कंपनी ने पारंपरिक और वेस्टर्न स्नैक्स की नई श्रृंखला भी बाजार में उतारी है। इन उत्पादों का निर्माण फिलहाल कंपनी की अपनी इकाइयों और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन नए फूड पार्क के बनने के बाद अधिकांश उत्पादन गतिविधियां एक ही परिसर से संचालित होंगी।
आदित्य वर्धन अग्रवाल ने बताया कि समूह स्नैक्स कारोबार में कुल **750 करोड़ रुपये** तक निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है। उनका कहना है कि इस विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग **4,000 लोगों को रोजगार** मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि स्नैक्स सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति बनाने के बाद कंपनी मिठाई, बेकरी उत्पादों और अन्य पैकेज्ड फूड श्रेणियों में भी तेजी से विस्तार करेगी। इससे कंपनी का उत्पाद पोर्टफोलियो और अधिक व्यापक होगा तथा घरेलू बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।
इमामी ग्रुप की रणनीति केवल कारोबार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में पूंजी बाजार में बेहतर मूल्यांकन हासिल करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। कंपनी की खाद्य तेल इकाई **इमामी एग्रोटेक** पहले से ही EBITDA स्तर पर लाभ में है। कंपनी भविष्य में इसका आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है, लेकिन प्रबंधन का मानना है कि केवल खाद्य तेल कारोबार के आधार पर मिलने वाली वैल्यूएशन अपेक्षाकृत सीमित रहती है। यदि कंपनी पैकेज्ड फूड और स्नैक्स जैसे उच्च विकास वाले क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति बना लेती है तो निवेशकों के बीच उसकी आकर्षण क्षमता और बाजार मूल्य दोनों बढ़ेंगे।
अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कंपनी का लक्ष्य केवल आईपीओ लाना नहीं, बल्कि ऐसा आईपीओ लाना है जो लंबी अवधि में निवेशकों और शेयरधारकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करे। उन्होंने कहा कि जब पैकेज्ड फूड कारोबार पर्याप्त मजबूत हो जाएगा और कंपनी की वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन बेहतर हो जाएगी, तभी लिस्टिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस बीच कंपनी के हालिया वित्तीय परिणाम मिले-जुले रहे हैं। वित्त वर्ष **2026-27** की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में **इमामी लिमिटेड** का शुद्ध लाभ लगभग **15 प्रतिशत घटकर 138.94 करोड़ रुपये** रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह **164.26 करोड़ रुपये** था। हालांकि परिचालन आय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। कंपनी की आय लगभग **15 प्रतिशत बढ़कर 1,039.21 करोड़ रुपये** पहुंच गई, जो एक वर्ष पहले **904.09 करोड़ रुपये** थी।
तिमाही के दौरान कंपनी के कुल खर्च में भी लगभग **18 प्रतिशत** की वृद्धि हुई और यह **813.03 करोड़ रुपये** पर पहुंच गया। कच्चे माल की लागत, विपणन खर्च और विस्तार योजनाओं के कारण खर्च बढ़ने से मुनाफे पर दबाव दिखाई दिया। इसके बावजूद कंपनी का प्रबंधन भविष्य को लेकर आश्वस्त है और उसका मानना है कि नए निवेश, उत्पाद विविधीकरण तथा पैकेज्ड फूड कारोबार के विस्तार से आने वाले वर्षों में कंपनी की आय और लाभ दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इमामी अपनी विस्तार योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कर लेती है, तो वह भारतीय पैकेज्ड फूड बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर सकती है। साथ ही प्रस्तावित फूड पार्क से उत्पादन क्षमता बढ़ने, लागत घटने और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे कंपनी और राज्य दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।