वित्त मंत्री सीतारमण: कर्ज की मुश्किल में फंसे देशों को बचाने की जरूरत, अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर चिंतित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने महामारी (Covid-19 Pandemic) और हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रम से पैदा हुई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने महामारी (Covid-19 Pandemic) और हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रम से पैदा हुई अनिश्चितता की वजह से कर्ज (Debt) के तनाव का सामना कर रहे देशों को बचाने की जरूरत पर बल दिया है. सीतारमण ने शुक्रवार को विश्व बैंक (World Bank) के समूह अध्यक्ष डेविड मलपास के साथ एक बैठक में कहा कि भारत भू-राजनीतिक तनाव के बीच बढ़ती अनिश्चितता के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार को उत्पन्न जोखिमों को लेकर चिंतित है. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में इस मुलाकात के दौरान उठे बिंदुओं की जानकारी दी है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)-विश्व बैंक बैठक 2022 में भाग लेने के लिए अमेरिका की यात्रा पर आईं सीतारमण ने विश्व बैंक के प्रमुख से कहा कि बहुपक्षवाद अब ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि इस समय दुनिया असाधारण अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है.