Business | व्यापार : आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देश के 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। 15 जनवरी 2025 को जब पहली बार इस आयोग के गठन का आधिकारिक ऐलान हुआ था, तब कर्मचारियों में उम्मीदों की लहर दौड़ गई थी। लंबे समय से वेतन संशोधन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों ने इस फैसले को बड़ी राहत के रूप में देखा था।
इसके बाद अक्टूबर 2025 में सरकार की ओर से इसका आधिकारिक गजट जारी किया गया, जिससे आयोग के गठन की प्रक्रिया को और औपचारिक रूप मिला। आगे बढ़ते हुए 3 नवंबर 2025 को आयोग ने अपना टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) भी जारी कर दिया, जिसमें इसके कामकाज और दिशा-निर्देश तय किए गए। इस तरह आयोग के गठन और शुरुआती ढांचे को लगभग पूरा कर लिया गया।
अब तक की स्थिति के अनुसार, आठवां वेतन आयोग गठित हुए करीब 17 महीने का समय बीत चुका है और टर्म ऑफ रेफरेंस जारी हुए भी लगभग 8 महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी तक किसी ठोस वेतन संशोधन या नई सिफारिशों का इंतजार है।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग फिलहाल तेजी से काम कर रहा है और देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बैठकें कर रहा है। इन बैठकों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सीधे बातचीत की जा रही है, ताकि उनकी मांगों और समस्याओं को समझा जा सके। आयोग वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत अध्ययन कर रहा है।
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते (DA) का पुनर्गठन, मकान किराया भत्ता (HRA) में संशोधन, एरियर का भुगतान और पेंशन सिस्टम में सुधार शामिल हैं। कई संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना बढ़ती महंगाई के मुकाबले पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है।
हालांकि आयोग की सक्रियता के बावजूद अभी तक किसी अंतिम रिपोर्ट या सिफारिशों को लेकर स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। इसी कारण कर्मचारियों के बीच इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। कई कर्मचारी यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार वेतन वृद्धि का आधार और फॉर्मूला पहले से अलग हो सकता है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा रही है कि सैलरी स्ट्रक्चर को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल आयोग का पूरा फोकस अलग-अलग स्तरों पर डेटा इकट्ठा करने और हितधारकों की राय जानने पर है।