Agriculture व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

Update: 2026-06-25 11:32 GMT

New Delhi नई दिल्ली : देश में बड़े पैमाने पर दालों और खाद्य तेलों का आयात किया जाता है, जिसके कारण सरकार लगातार आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम उठा रही है। इसी क्रम में किसानों को दलहन और तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

इसी बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) के ऑक्शन पोर्टल ‘NAFEX.in’ की शुरुआत की। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कृषि उत्पादों की बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना बताया जा रहा है।

इस अवसर पर अमित शाह ने NAFED और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) को किसानों के हित में कई सख्त निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सरकारी निर्देशों के अनुसार, अब खरीद प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। खासकर यह सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि किसानों को भुगतान 48 घंटे के भीतर किया जाए, जिससे बिचौलियों की भूमिका को कम किया जा सके और किसानों को सीधे लाभ मिल सके।

सरकार का मानना है कि इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई व्यवस्थाएं कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री प्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी।

अमित शाह ने इस दौरान यह भी कहा कि देश को दाल और तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को अधिक से अधिक प्रोत्साहन देना जरूरी है। इसके लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।

NAFEX पोर्टल के जरिए किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इससे कृषि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम पहल है। इससे किसानों को सीधा बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

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