भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चर्चा तेज

Update: 2026-06-23 05:33 GMT

Business बिजनेस: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड डील) को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार से नई दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ता शुरू हो रही है। इस दो दिवसीय बातचीत में अमेरिकी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।

यह बैठक दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बातचीत का उद्देश्य फरवरी में घोषित फ्रेमवर्क के तहत अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।

USTR कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर भारत की राजधानी नई दिल्ली में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों पक्ष ऐतिहासिक अमेरिका-भारत संयुक्त बयान और अंतरिम समझौते से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह बातचीत उस व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 13 फरवरी 2025 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।

इस वार्ता को दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत और अमेरिका के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में टैरिफ, बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार, सप्लाई चेन सुरक्षा और निवेश नियमों जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा दोनों पक्ष व्यापार बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विचार कर सकते हैं।

भारत और अमेरिका पहले से ही एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इस अंतरिम समझौते को भविष्य में एक व्यापक और स्थायी व्यापार समझौते की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह बातचीत दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। वहीं भारतीय पक्ष भी निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए इस समझौते को महत्वपूर्ण मान रहा है।

यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं और देश अपनी-अपनी आर्थिक नीतियों को नए सिरे से आकार दे रहे हैं। ऐसे में भारत-अमेरिका बातचीत को रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दोनों देशों के बीच होने वाली यह चर्चा आने वाले महीनों में व्यापारिक रिश्तों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस वार्ता से किस तरह के ठोस नतीजे सामने आते हैं।

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