नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ बातचीत फिर शुरू करने के संकेत मिलने के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल देखने को मिली। कूटनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

बातचीत की संभावना से बाजार को राहत
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत की खबरों ने निवेशकों में यह उम्मीद जगाई कि यदि तनाव कम होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव घट सकता है। इसी वजह से तेल बाजार में बिकवाली बढ़ी।
तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई
ईरान दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है। अगर उसके साथ संबंधों में सुधार होता है और प्रतिबंधों में ढील की संभावना बनती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ सकती है।
ब्रेंट और WTI पर दिखा असर
तेल बाजार में गिरावट का असर प्रमुख बेंचमार्क पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों की कीमतों में तेज गिरावट आई, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में राहत का माहौल बना।
भारत को मिल सकती है राहत
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है। इससे:
आयात बिल कम हो सकता है
महंगाई पर दबाव घट सकता है
रुपये को मजबूती मिल सकती है
ईंधन कीमतों पर राहत की संभावना बढ़ सकती है
बाजार की नजर अब आगे की बातचीत पर
हालांकि, तेल बाजार में स्थिरता काफी हद तक अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। यदि बातचीत सफल रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है।
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