बिजनेस : होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को खुलने से पहले एंकर निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। ब्लैकस्टोन समर्थित कंपनी ने 54 एंकर निवेशकों से करीब 1167.75 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 60 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 19.46 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए। एंकर निवेशकों से मिली रकम आईपीओ के कुल आकार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एंकर बुक में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भागीदारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक Carmignac Emergents ने एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित शेयरों में से लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा सब्सक्राइब किया। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन के साथ कई म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भी इस आवंटन में शामिल हुए हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी को किसी आईपीओ के प्रति संस्थागत रुचि का संकेत माना जाता है, लेकिन इससे सूचीबद्ध होने के बाद शेयर में लाभ की गारंटी नहीं मिलती।
होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स का आईपीओ कुल 2600 करोड़ रुपये का है। यह इश्यू पूरी तरह नए शेयरों पर आधारित है और इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल का कोई हिस्सा नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी लगभग 43.33 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। कंपनी ने आईपीओ के लिए 57 रुपये से 60 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है।यह आईपीओ आम निवेशकों के लिए 17 अगस्त 2026 को खुलेगा और 19 अगस्त को बंद होगा। निवेशक न्यूनतम 250 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऊपरी प्राइस बैंड 60 रुपये के आधार पर एक लॉट के लिए कम से कम 15 हजार रुपये निवेश करने होंगे। इससे ज्यादा शेयरों के लिए आवेदन 250 के गुणक में किया जा सकेगा।
इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। गैर संस्थागत निवेशकों के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध रहेगा। शेयरों का आवंटन पूरा होने के बाद कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किए जाएंगे। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार संभावित लिस्टिंग 24 अगस्त को हो सकती है।आईपीओ के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इस इश्यू की रजिस्ट्रार है। आवेदन करने वाले निवेशक इश्यू बंद होने के बाद रजिस्ट्रार अथवा शेयर बाजारों की वेबसाइट पर आवंटन की स्थिति देख सकेंगे।
कंपनी आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने में लगाएगी। प्रस्तावित योजना के मुताबिक लगभग 2250 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी की सहायक कंपनियों के कुछ उधारों के पूर्ण या आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। शेष रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए होगा। कर्ज में कमी आने से कंपनी के वित्तीय खर्च में राहत मिल सकती है, लेकिन निवेशकों को उसके कारोबार, देनदारियों, आय और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स भारत में औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स पार्कों का विकास तथा संचालन करती है। इसके परिसरों का इस्तेमाल वेयरहाउसिंग, वितरण और दूसरी आपूर्ति श्रृंखला संबंधी जरूरतों के लिए किया जाता है। 2600 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के बाद ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित बाजार पूंजीकरण लगभग 17,298 करोड़ रुपये हो सकता है।
ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट इनवेस्टर्स गेन के अनुसार, कंपनी के शेयर शनिवार को करीब चार रुपये के अनौपचारिक प्रीमियम पर कारोबार करते बताए गए। 60 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर यह लगभग 6.67 प्रतिशत संभावित प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम किसी मान्यता प्राप्त शेयर बाजार का आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। इसके आधार पर वास्तविक लिस्टिंग मूल्य या मुनाफे की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।निवेशकों को आवेदन करने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दिए गए वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, कारोबार से जुड़े जोखिम और मूल्यांकन को ध्यान से देखना चाहिए।
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