फ्री में होगा बच्चों का आधार अपडेट ऐसे कराएं फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन
बाल आधार में जरूरी बदलाव UIDAI की मुफ्त बायोमेट्रिक अपडेट सुविधा का लाभ उठाएं
नई दिल्ली: अगर आपके घर में बच्चों का आधार कार्ड बना हुआ है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। UIDAI ने बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (Mandatory Biometric Update) को लेकर विशेष सुविधा दी है। इसके तहत पात्र बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट मुफ्त में कराया जा सकता है।
छोटे बच्चों का आधार बनाते समय आमतौर पर फिंगरप्रिंट और आईरिस जैसी बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज नहीं की जाती। बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करना जरूरी होता है। UIDAI के नियमों के अनुसार बच्चों का पहला बायोमेट्रिक अपडेट 5 साल की उम्र के बाद और दूसरा अपडेट 15 साल की उम्र के बाद किया जाता है।
फ्री में कब तक करा सकते हैं अपडेट?
UIDAI की ओर से बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट पर शुल्क में छूट दी गई है। 5 से 17 साल तक के बच्चों के लिए यह सुविधा निर्धारित अवधि तक मुफ्त उपलब्ध है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट करा लें।
किन बच्चों का कराना जरूरी है अपडेट?
जिन बच्चों की उम्र 5 साल पूरी हो चुकी है, उनका पहला बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी है।
15 साल की उम्र पूरी होने पर दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट कराना होता है।
इसमें बच्चे के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो को अपडेट किया जाता है।
Aadhaar बायोमेट्रिक अपडेट कराने का तरीका
1. नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाएं
बच्चे का बायोमेट्रिक अपडेट केवल आधार एनरोलमेंट सेंटर या आधार सेवा केंद्र पर जाकर कराया जा सकता है।
2. जरूरी दस्तावेज साथ ले जाएं
अभिभावक को बच्चे का आधार कार्ड और पहचान से जुड़े दस्तावेज साथ रखने चाहिए।
3. बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करें
केंद्र पर बच्चे के फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैनिंग और फोटो अपडेट की जाएगी।
4. रसीद जरूर लें
अपडेट प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाली रसीद संभालकर रखें, जिससे बाद में स्टेटस चेक किया जा सके।
क्यों जरूरी है बच्चों का आधार अपडेट?
बच्चों का आधार अपडेट रहने से स्कूल एडमिशन, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं और अन्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होती है। सही बायोमेट्रिक जानकारी होने से भविष्य में आधार सत्यापन के दौरान परेशानी कम होती है।
अभिभावक रखें इन बातों का ध्यान
बच्चे की उम्र 5 या 15 साल पूरी होते ही अपडेट कराने में देरी न करें।
आधार केंद्र पर जाने से पहले समय और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ले लें।
अपडेट के बाद आधार स्टेटस जरूर जांच लें।
UIDAI का उद्देश्य बच्चों के आधार डेटा को सही और सुरक्षित बनाए रखना है। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे फ्री सुविधा का लाभ उठाकर समय पर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट करा लें।